उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यूपी टेट के प्रश्नपत्र को लीक करने के मामले में बुधवार को एक और नाम सामने आ गया। पुलिस के मुताबिक गोंडा जनपद के खोड़ारे थाने के नेतौरा कोटखास निवासी भूपेंद्र ही वह शख्स है, जिसने गिरफ्तार किए गए सत्येंद्र सिंह तक प्रश्नपत्र की कापी मुहैया कराई थी। वही प्रश्नपत्र बाकी चारों के अलावा अन्य लोगों तक पहुंचाया गया।
भूपेंद्र का नाम मंगलवार को दर्ज मुकदमे में शामिल कर लिया गया है। हालांकि, भूपेंद्र अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रहीं हैं। पुलिस को उम्मीद है कि उसके पकड़े जाने के बाद बड़ा मामले की तह तक पहुंच जाएंगे। उसके जरिए ही पता लग पाएगा कि उसको 28 नवंबर को होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही कैसे मिल गया।
उधर, बेसिक शिक्षा विभाग ने गिरफ्तार शिक्षक को निलंबित कर दिया है। मंगलवार को पेपर आउट करने वालों के गिरोह में शामिल पांच लोगों को पुलिस ने लालगंज थाने के गौरा घाट के पास से गिरफ्तार किया था। जिनमें गौर थानाक्षेत्र के माझा मानपुर निवासी आनंद प्रकाश यादव , जगदीश यादव के अलावा विनय कुमार निवासी लबनापार थाना कोतवाली के अलावा लालगंज थाने के तिघरा निवासी सत्येन्द्र सिंह उर्फ सोनू व अजीत यादव उर्फ धर्मेंद्र यादव शामिल है।
इनके पास के पांच मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसकी गैलरी में साफ्ट कापी के रूप में यूपी टीईटी-2021 के मूल प्रश्न-पत्र व उत्तर कुंजी उपलब्ध हैं। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया अजीत उर्फ धर्मेंद्र यादव प्राइवेट क्लीनिक चलाता है। जबकि उसी के गांव का सत्येंद्र उर्फ सोनू प्राइमरी स्कूल में शिक्षक है। जो राम नगर ब्लॉक की प्राइमरी पाठशाला भानपुर में सहायक अध्यापक के रूप में तैनात है।
फरार भूपेंद्र ने एक दिन पहले ही उसे पेपर हल करने के लिए मुहैया करा दिया था। इसके बाद कितने लोगों तक इसकी कापी पहुंची, इसकी पुलिस अभी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि सबसे पहले उसने अपने गांव के धर्मेंद्र को पेपर मुहैया कराया।
सोनू के जरिए बाकी तीनों गौर थानाक्षेत्र के माझा मानपुर निवासी आनंद प्रकाश यादव, जगदीश यादव के अलावा विनय कुमार निवासी लबनापार थाना कोतवाली को उसकी कॉपी फारवर्ड की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेजे जाने से पहले स्पेशल टास्क फोर्स लखनऊ और गोरखपुर की टीम ने भी लंबी पूछताछ की।