बुधवार को एनेक्सी भवन में पहले सभी से अलग-अलग फिर एक साथ पूछताछ हुई। जिसके बाद पूरा बयान सिलसिलेवार नोट किया गया। इस दौरान करीब 45 मिनट के लिए मनीष के दोस्तों को लेकर सीबीआई एक बार फिर होटल पहुंची।
गोरखपुर में मनीष गुप्ता की मौत में हत्यारोपित बनाए गए पुलिस वालों को सीबीआई अभी कस्डटी रिमांड पर नहीं लेगी। बल्कि जेल जाकर ही उनसे पूछताछ कर बयान दर्ज करेगी। बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये आरोपित पुलिसवालों की कोर्ट में पेशी हुई। सीबीआई की तरफ से न्यायिक हिरासत बढ़ाने की अर्जी दी गई थी। कोर्ट ने उसे स्वीकार करते हुए 15 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत बढा दी है।
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सीबीआई ने आरोपित पुलिसवालों से जेल में पूछताछ करने के साथ ही उनका बयान दर्ज करने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने मान लिया। अब गुरुवार से लेकर किसी भी समय जेल पहुंचकर सीबीआई सभी आरोपितों का बयान दर्ज कर सकती है। वहीं, सीबीआई ने मनीष गुप्ता के दोस्तों से पूछताछ के बाद बयान दर्ज किए।
एसआईटी ने अपनी जांच के दौरान 11 गवाह बनाए थे, जिसमें मनीष के दोस्त भी थे। सीबीआई भी दोस्तों को गवाह बना रही है, लिहाजा किसी के बयान में कोई अंतर तो नहीं है इसे सीबीआई ने बार-बार क्रॉस चेक किया। माना जा रहा है यही बयान अब मुकदमे में ट्रायल के दौरान कोर्ट में भी काम आने वाले हैं।
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बुधवार को आरोपित छह पुलिसवालों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी होनी थी। लिहाजा सीबीआई सुबह साढ़े दस बजे ही कोर्ट पहुंच गई। जहां न्यायिक हिरासत बढ़ाने की अर्जी देने के साथ ही जेल में आरोपितों से पूछताछ के लिए भी अनुमति मांगी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योत्सना यादव की कोर्ट ने उनकी अर्जी स्वीकार कर ली।