गोरखपुर। जिला अस्पताल से अपहृत 10 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश शमीम अहमद अंसारी की अदालत में साक्ष्य की कार्यवाही नहीं हो सकी। मामले में बालिका की बड़ी बहन की गवाही होनी थी लेकिन तबीयत खराब होने के कारण वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सकी। इसके चलते साक्ष्य दर्ज नहीं हो पाया। अदालत ने अब गवाही के लिए 29 अगस्त की तारीख नियत की है।
मामला 28 जुलाई की रात सामने आया था। बड़ी बहन को भोजन देने जिला अस्पताल गई 10 वर्षीय बालिका का डायल-112 में तैनात रहे सिपाही अभिषेक यादव ने अपहरण कर लिया था। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन पुलिस ने आरोपी सिपाही को पकड़ लिया। पूछताछ और जांच के दौरान 30 जुलाई को चिउटहा के पास रोहिन नदी के किनारे बालिका का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। पुलिस की जांच में सामने आया कि बालिका के साथ दुष्कर्म करने के बाद बांका से काटकर उसकी हत्या की गई थी। कोतवाली पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के साथ पाक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। 31 जुलाई की शाम आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को जेल भेज दिया गया था। उसी दिन एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने उसे बर्खास्त कर दिया था।
पुलिस ने छह दिन में विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। वर्तमान में इसी मामले की सुनवाई चल रही है। अभियोजन पक्ष ने बालिका की बड़ी बहन को महत्वपूर्ण गवाह बनाया है।