टेराकोटा शिल्पियों के हुनर को अब और निखार मिलेगा। टेराकोटा शिल्पकारों की बस्ती औरंगाबाद को प्रदेश सरकार एक कलस्टर के रूप में विकसित करने जा रही है। जिला स्तरीय कमेटी ने सर्वे के बाद इसको स्वीकृति भी दे दी है। कलस्टर बन जाने के बाद यहां उच्च गुणवत्ता वाले मशीनों के जरिए इस तकनीक के हुनरमंदों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
योजना के तहत इस कलस्टर को संचालित करने के लिए एक स्पेशल परपस व्हीकल (एसपीवी) कमेटी बनाई गए है। लक्ष्मी प्रजापति को इस एसपीवी का अध्यक्ष बनाया गया है। प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार करीब चार करोड़ की लागत वाले इस कलस्टर में 90 प्रतिशत सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी।
वहीं 10 प्रतिशत की राशि एसपीवी को वहन करना है। जिला स्तरीय कमेटी ने सर्वे करके इसके डायग्नोस्टिक स्टडी रिपोर्ट (डीएसआर) को स्वीकृति दे दी है। इसके बाद उद्योग विभाग इसका डीपीआर तैयार करना शुरू कर दिया है।