स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान नदी के पास कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। वारदात के तुरंत बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। दो घंटे बाद पुलिस पहुंची और एनडीआरएफ के आने का हवाला देते हुए घंटों इंतजार कराया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण सड़क जाम करके धरने पर बैठ गए और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।'
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जिला स्तर पर प्रतिमा विसर्जन के लिए डायवर्जन तक किया गया है, लेकिन पीपीगंज थानेदार तेज जगन्नाथ सिंह का कहना था कि मकनहा क्षेत्र के रोहिणी के तट पर प्रतिमा विसर्जन नहीं था, इसलिए पुलिस नहीं तैनात की गई थी।
कैंपियरगंज सीओ रत्नेश्वर सिंह ने कहा कि किशोर की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम लगी है। किशोर के मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।