गोरखनाथ इलाके में सोमवार सुबह किराए के मकान में 16 वर्षीय लड़की का संदिग्ध हालात में फंदे से लटकता शव मिलने के बाद हंगामा हो गया। परिजनों के विरोध के बाद देर रात पुलिस ने किशोरी की मां की शिकायत पर मकान मालिक के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या का केस दर्ज किया है।
वहीं, इससे पहले किशोरी के परिजनों ने मकान मालिक पर दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया। पुलिस पर भी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दाह संस्कार से इन्कार कर दिया। तनाव को देखते हुए घर के आसपास पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। पुलिस का कहना था कि तहरीर के अनुसार केस दर्ज किया जाएगा। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत दम घुटने से होना बताया गया है।
उधर, किशोरी की मौत की सूचना पाकर सपा नेता सुनील सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि भी पीड़ित के घर पहुंच गए और कार्रवाई की मांग पर अड़ गए थे। नेताओं ने परिजनों की मांग को जायज बताया और वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार, कुशीनगर जिले के पड़रौना थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी शख्स अपनी पत्नी और बेटी के साथ पिछले चार साल से सुमेर सागर क्षेत्र में किराये पर कमरा लेकर रहते हैं। शनिवार को दोपहर में एक बजे पति-पत्नी किसी काम से गांव चले गए। दंपती का कहना है कि रविवार की शाम पांच बजे मकान मालिक ने फोन करके बताया कि उनकी बेटी ने फंदे से लटककर जान दे दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मकान मालिक उनकी बेटी को परेशान करता था। उसी ने दुष्कर्म व हत्या करने के बाद शव को फंदे से लटकाया है। पुलिस पर भी उन्होंने आरोप लगाया कि वह आरोपी की मदद कर रही है। परिजनों ने घर से लेकर मेडिकल कॉलेज तक हंगामा किया।
पोस्टमार्टम के बाद जब परिजनों को किशोरी का शव मिला तो दोबारा से आक्रोशित हो गए। शव को सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश भी की। पुलिस पर जबरन अंत्येष्टि कराने का आरोप लगाते हुए रुस्तमपुर के पास एंबुलेंस को रोककर तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद शव लेकर घर चले गए। शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की और दाह संस्कार से इन्कार कर दिया।