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UP: 'नाचना आता है, न आता तो...', कमरे में बंद कर पीटा, खाना भी न दिया; किशोरियों से धंधा करना चाहता था संचालक

Tue, 03 Jun 2025 12:28 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर की दो नाबालिग लड़कियों को इंस्टाग्राम पर ऊंचे ख्वाब दिखाए गए। दोनों को झांसे में लेकर बिहार के पूर्णिया जिले में आर्केस्ट्रा संचालक को बेच दिया गया। कमरे में बंधक बनाकर किशोरियों को गलत काम करने के लिए यातनाएं दी गईं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बिहार के मोतीहारी जिले की गीता (30) ने इंस्टाग्राम पर दोनों चचेरी बहनों से दोस्ती कर उन्हें बड़े-बड़े ख्वाब दिखाए थे। इसके झांसे में आकर कम पढ़ी-लिखी सब्जी की खेती करने वाली किशोरियों ने घर से बाहर कदम निकाला। दोनों किशोरियों ने बताया कि पूर्णिया जिले में जब उनकी बोली लगाकर बेचा गया तो उनकी आंखें खुल गई, लेकिन वे चीखने-चिल्लाने के सिवा कुछ और नहीं कर पाई। 
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दोनों ने मान लिया था कि अब नरक के दलदल से निकलना मुश्किल है। पुलिस के मुताबिक, झंगहा इलाके में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी इधर कुछ दिनों से अपने पटीदारी में खोराबार रह रही थी। यहां पर 15 वर्षीय उसकी चचेरी बहन से उसकी अच्छी दोस्ती थी। 

दोनों हमेशा साथ ही रहती थीं। किशोरियों ने पुलिस को बताया कि घरवालों को बिना बताए इंस्टाग्राम चलाते थे। इधर, दो माह से हर पोस्ट पर आरोपी गीता लाइक-कमेंट करती थी, धीरे-धीरे बातें करने लगी। 
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शुरू में उसने पढ़ाई के बारे में पूछा, तो हम लोगों ने बताया कि कक्षा नौ तक पढ़े हैं और परिवार के साथ सब्जी की खेती करते हैं। तब उसने बताया कि कक्षा आठ तक पढ़े-लिखे लोग अच्छी नौकरी कर रहे हैं। तुम लोग मेरे पास आओ तुम्हारी जिंदगी बदल जाएगी। 

शुरू में 15 से 16 हजार रुपये तक की नौकरी तुरंत दिला दूंगी। इसके बाद सैलरी बढ़ती जाएगी। फिर अपने पैर पर खड़े होकर परिवार की भी मदद करने लायक हो जाओगी। किशोरियां उसकी बातों में फंस गई।

 

माइंड वॉश कर गीता पति महेश के साथ 23 मई की सुबह गोरखपुर आई। दोपहर करीब 1:30 बजे दोनों किशोरियां घर से बिना बताए निकलकर रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां पहले से मौजूद गीता और महेश दोनों किशोरियों को लेकर बिहार के पूर्णिया चले गए। 

 

पहले दिन खाना खिलाकर दोनों किशोरियों को आराम कराया गया। अगले दिन पूर्णिया जिले में ले जाकर एक आर्केस्ट्रा संचालक से 1.50 लाख रुपये में सौदा कर किशोरियों को बेच दिया।

किशोरियों ने बताया गलत काम कराना चाहता था संचालक
किशोरियों ने पुलिस को बताया कि संचालक देह व्यापार के धंधे में धकेलना चाहता था, इन्कार करने पर उसने कमरे में बंद कर खूब पीटा। इसके बाद खाना-पीना भी बंद कर दिया। केवल एक टाइम खाना देता था, बोलता था कि 1.50 लाख रुपये में खरीदा हूं। इसके बदले कई गुनी रकम जब तक नहीं वसूल लेता, बंधक बनाकर रखूंगा। उसने पूछा था कि नाचना आता है, नहीं आता है तो सीख लोगी। कई तरीके से उसने यातनाएं दी।

पिता ने गांव के युवक पर लगाया था अपहरण का आरोप
खोराबार थाना प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि खोराबार की किशोरी के पिता की तहरीर पर अपहरण का केस 24 मई को दर्ज किया गया था। पिता का आरोप था कि नदी किनारे तरबूज की खेती करता है। उसके साथ दोनों किशोरियां भी खेत में हाथ बंटाती थी। 

गांव का एक युवक बेटी से बात करता है, उसने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर दोनों किशोरियों का अपहरण किया है। आरोपी युवक से बेटियों के बारे में पूछा तो वह धमकी देकर भगा दिया।

 

थाना प्रभारी ने बताया कि पिता के आरोप लगाने पर युवक को पकड़कर पूछताछ की गई, उसके मोबाइल में एक किशोरी का नंबर और बातचीत का रिकॉर्ड मिला। लेकिन, पूछताछ में उसने अपहरण करने की बात स्वीकार नहीं की। इसके बाद किशोरी के इंस्टाग्राम की जांच की गई तो उसमें गीता से बातचीत का मैसेज मिला। 

 

इसके बाद सर्विलांस की मदद से सीडीआर निकलवाया गया तो, जिस दिन किशोरियां लापता हुईं, उस दिन गीता का गोरखपुर में लोकेशन मिला। इसके बाद गीता के बारे में जानकारी जुटा कर पुलिस टीम बिहार रवाना हुई। मोतीहारी में लोकेशन मिलने पर बिहार पुलिस की मदद से 30 मई को एक घर पर छापा मारा गया। 

 

उस घर के अंदर-बाहर से बंद एक कमरे में एक किशोरी मिल गई। उसने बताया कि दूसरी किशोरी को लेकर गीता और महेश कहीं भाग निकले हैं। इसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। दो मई को मोतीहारी के ही एक इलाके से गीता और महेश को गिरफ्तार कर दूसरी किशोरी को ढूंढ निकाला गया। 
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दोनों किशोरियों को सोमवार की सुबह पुलिस टीम गोरखपुर लेकर आई है। यहां वन स्टाफ सेंटर में दोनों किशोरियों को रखा गया है। मंगलवार को मेडिकल कराकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश कर किशोरियों को घर वालों के हवाले किया जाएगा।
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