सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम में नवीनीकृत तरणताल के उद्घाटन अवसर पर तैरते लोग।
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सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम में अब राष्ट्रीय स्तर की तैराकी प्रतियोगिताएं हो सकेंगी। मंगलवार को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबधंक चंद्रवीर रमण ने फीता काटकर और फलक अनावरण कर तरणताल का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस तरणताल से रेल कर्मियों, तैराकों एवं स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। इसके शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैराक तैयार हो सकेंगे।
उन्होंने कहा कि ओलंपिक मानक के अनुरूप बने तरणताल के नवीनीकरण से राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सकेंगी। योग्य प्रशिक्षकों से रेलवे के अलावा बाहर के खिलाड़ी भी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए उनको पंजीकरण कराना होगा।
पूर्वोत्तर रेलवे क्रीड़ा संघ के सचिव पंकज कुमार सिंह ने बताया कि 60 वर्ष पूर्व इस तरणताल को बनाया गया था। इसे नवीनीकृत कर आधुनिक एवं सुविधा संपन्न बनाया गया है। इसके पानी को साफ रखने के लिए फिल्टर प्लांट एवं एमरेशन टैंक लगाए गए हैं।
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तरणताल 50 मीटर लंबा, 18.5 मीटर चौड़ा एवं लगभग 06 मीटर गहरा है। इसमें फाइबर के आठ ब्लॉक एवं आठ लेन बनाए गए हैं। इसमें आठ तैराक एक साथ तैर सकेगें। बताया कि मानक के अनुसार डाइविंग बोर्ड लगाए गए हैं। रात में तैराकी के लिए रोशनी का प्रबंध भी किया गया है। तरणताल में सभी सुरक्षा मानकों पर ध्यान दिया गया है।
इस मौके पर 50 मीटर फ्री स्टाइल, 50 मीटर बैक स्ट्रोक, 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक, 50 मीटर बटर फ्लाई, डाइविंग तथा वाटर पोलो के मैत्री मैच खेले गए। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे क्रीड़ा संघ के अध्यक्ष योगेश मोहन ने कहा कि पूर्वांचल के लिए यह तरणताल अनुपम भेंट है। इस मौके पर अपर महाप्रबंधक एके मिश्रा, सहायक क्रीड़ा अधिकारी चंद्र विजय सिंह के अलावा रेल कर्मी उपस्थित रहे।