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Gorakhpur News: आंधी-बारिश से चरमराई आपूर्ति.... कई इलाकों में 24 घंटे से बिजली गुल

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गोरखपुर। शुक्रवार रात और शनिवार देर शाम तक आंधी-बारिश से पेड़ गिरने और तार टूटने से शहर में बिजली व्यवस्था चरमरा गई। शहर के 20 से अधिक स्थानों पर बिजली की लाइनों और खंभों पर पेड़ व डालियां गिर गईं। इससे 33 केवीए, 11 केवीए और एलटी लाइनों में बड़े फाल्ट हुए। करीब 24 घंटे तक कई इलाकों में बिजली गुल रही।
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बिजली नहीं होने से पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया। कई घरों में इंवर्टर ने भी जवाब दे दिए, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। बिजली निगम की टीमें बारिश के बीच मरम्मत कार्य में जुटी रहीं। बक्शीपुर, विकास नगर, हनुमंत व्यायामशाला और एफसीआई जैसे कई क्षेत्रों में बिजली प्रभावित हुई। सूर्यकुंड में 11 केवीए लाइन पर पेड़ गिरने से पांच हजार से अधिक घरों की बिजली गुल रही।
बक्शीपुर के अधिशासी अभियंता अतुल कुमार रघुवंशी ने 33 केवीए लाइन ब्रेकडाउन को दिक्कत का कारण बताया। शाहपुर में भी 33 केवीए लाइन ब्रेकडाउन से 12 घंटे तक बिजली गुल रही। एसडीओ वीके जायसवाल ने पेड़ गिरने से लाइनों के प्रभावित होने की जानकारी दी। राप्तीनगर, प्रताप नगर और रामजानकी नगर में भी लंबे समय तक बिजली नहीं रही।
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रुस्तमपुर और बेतियाहाता के लोगों ने झेली परेशानी
इंडस्ट्रियल एस्टेट के राजेंद्र नगर पश्चिम में सुबह छह बजे से दोपहर 2:30 बजे तक बिजली गुल रही। यहां तार पर पेड़ गिरने से आपूर्ति बहाल करने में काफी समय लगा। टाउनहाल क्षेत्र में शुक्रवार रात तीन बजे से 33 केवीए लाइन में फाल्ट था। गोरखपुर विश्वविद्यालय रोड पर पेड़ गिरने से आवागमन और बिजली व्यवस्था बाधित हुई। रुस्तमपुर और बेतियाहाता में 24 घंटे से बिजली गुल होने से पानी की दिक्कत हुई।

मोहद्दीपुर और खोराबार के क्षेत्रों में सुबह से शाम तक गुल रही बिजली
मोहद्दीपुर और खोराबार के कई क्षेत्रों में शनिवार सुबह से शाम तक बिजली नहीं रही। मोहद्दीपुर के 11 केवीए नॉर्थ फीडर पर दोपहर दो बजे पेड़ गिरा था। अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि टीमें लगातार काम कर रही हैं। धर्मशाला और पादरी बाजार में भी पेड़ गिरने व तार टूटने से 12 घंटे से अधिक आपूर्ति प्रभावित रही। पादरी बाजार उपकेंद्र के अवर अभियंता नवनीत पटेल ने फाल्ट ठीक करने की बात कही। सर्किट हाउस, तारामंडल और बेतियाहाता में भी बिजली गुल रहने से पानी की समस्या हुई।

आपातकालीन सेवा पर सवाल
बिजली निगम का आपातकालीन सेवा का नया प्रयोग उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बना। इस बार शहर के चारों बिजली खंडों का ठेका एक ही एजेंसी को 60 लाख रुपये में दिया गया। पहले यह काम अलग-अलग या दो-तीन एजेंसियों को दिया जाता था। शनिवार को एक साथ फाल्ट आने से इमरजेंसी सर्विस की क्षमता पर सवाल उठे।

कोट
अधीक्षण अभियंता शहर रणजीत चौधरी ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण जगह-जगह बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। सभी स्थानों पर टीमें लगाकर फाल्ट ठीक किए जा रहे हैं। धीरे-धीरे सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है।
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-रणजीत चौधरी, अधीक्षण अभियंता, शहर
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