एमएमएमयूटी में कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा का स्वागत करते विभागाध्यक्ष प
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग, सोशल मीडिया फ्रॉड व साइबर ठगी जैसे मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित एवं कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है।
वह बृहस्पतिवार को कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के साइबर फॉरेंसिक रिसर्च सेंटर की ओर से आयोजित छह सप्ताह के समर इंटर्नशिप कार्यक्रम के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। साइंट टेक्नोलॉजीज, नई दिल्ली के सहयोग से साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल फॉरेंसिक विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए उद्योग-सहयोग आधारित प्रयोगशालाएं व व्यावहारिक प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि फ्रॉड से बचने के लिए केवल ओटीपी साझा न करना ही पर्याप्त नहीं बल्कि अंजान एप्स डाउनलोड करने से बचना, मोबाइल सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत रखना व बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखना भी आवश्यक है।
विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने बताया कि 21 जुलाई तक यह कार्यक्रम चलेगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, नेटवर्क सुरक्षा, डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण तथा साइबर अपराध जांच के क्षेत्र में व्यावहारिक एवं शोधपरक ज्ञान प्रदान करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली एवं ओडिशा आदि राज्यों से कुल 58 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विमल कुमार व साइंट टेक्नोलॉजीज के विशेषज्ञ अनिकेत साहू ने भी साइबर सुरक्षा पर जानकारी दी। डॉ. बीके शर्मा ने आभार ज्ञापित किया।