गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीटेक छठवें सेमेस्टर के छात्र घनेंद्र चौधरी की खुदकुशी के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। इंजीनियरिंग विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, घनेंद्र छठवें सेमेस्टर में एक भी दिन क्लास में उपस्थित नहीं रहा था। यही नहीं, चार मई से शुरू हुई परीक्षा में एक भी पेपर में वह शामिल नहीं हुआ।
इंदिरानगर के महादेव छात्रावास में घनेंद्र करीब चार महीने से रह रहा था। उसी हॉस्टल में रह रहे एक छात्र ने बताया कि तबीयत खराब होने की वजह से घनेंद्र विश्वविद्यालय बहुत कम जाता था। हालांकि, घनेंद्र की तबीयत खराब होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इधर, छात्र की मौत के बाद डीडीयू प्रशासन ने भी छात्र से जुड़े सभी रिकॉर्ड जुटाए हैं।
रिकॉर्ड के मुताबिक, फरवरी से शुरू हुई छठवें सेमेस्टर की कक्षाओं में घनेंद्र की उपस्थित शून्य रही। अप्रैल में आयोजित आंतरिक परीक्षा में एक दिन वह उपस्थित रहा था। 13 मई की रात उसने खुदकुशी की थी। परीक्षा शुल्क छह मई को जमा किया था। उससे पहले चार, सात, नौ और 13 मई को परीक्षाओं में अनुपस्थित रहा था।
पहले सेमेस्टर से ही लग रहा था बैक पेपर
डीडीयू प्रशासन के मुताबिक, पहले सेमेस्टर में ही नौ पेपर में घनेंद्र फेल रहा था। उसमें से आठ पेपर में रिकॉर्ड में अनुपस्थित दिख रहा है। दूसरे सेमेस्टर में छह पेपर में बैक लगा था। तीसरे में एक माइनर पेपर में बैक लगा था। चौथे में दो विषय और पांचवें में एक विषय में बैक लगा था।
मामले की चल रही आंतरिक जांच
डीडीयू में इंजीनियरिंग संस्थान के निदेशक प्रो. सुग्रीव नाथ तिवारी ने बताया कि छात्र घनेंद्र से संबंधित रिकॉर्ड जुटाए गए हैं। उसके अलग-अलग सेमेस्टर में बैक पेपर लगने और कक्षा में अनुपस्थिति की बात सामने आई है। सभी तथ्यों की आंतरिक जांच की जा रही है।