गोरखपुर। शहर की विभिन्न चुनौतियों से कैसे निबटा जाए, इसे लेकर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध कार्य होंगे। पीएचडी में चल रही प्रवेश प्रक्रिया के दौरान ऐसे विषयों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इनमें शहरी प्रबंधन, कूड़ा प्रबंधन, जल प्रबंधन व पर्यावरण आदि को शोध का विषय बनाने की तैयारी है।
डीडीयू प्रशासन के मुताबिक, इन शहर की समस्याओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पहले भी शोध कार्य हो चुके हैं लेकिन वर्तमान दौर में चुनौतियां बदली हैं। इन समस्याओं का समाधान कैसे हो सकता है, इसे लेकर योजना बनाई गई है। इसे लेकर सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
शासन के साथ ही विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय के साथ शहरों की चुनौतियां बदली हैं। ऊर्जा, जल संकट, जलभराव, जल प्रदूषण, जल संचयन, पर्यावरण प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण व स्मार्ट सिटी मॉडल जैसी समस्याएं गंभीर चुनौती पेश कर रही हैं। भूगोल, पर्यावरण विज्ञान, सिविल इंजीनियरिंग, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन और प्रबंधन अध्ययन आदि विभागों में इन मुद्दों पर शोध की योजना बनाई गई है। शोध के माध्यम से इन पर अध्ययन करके मूर्त रूप देने विश्वविद्यालय अपनी भूमिका निभाएगा।
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि बदलते दौर में शहर के साथ ही देश में नागरिकों के साामने विभिन्न चुनौतियां बढ़ी हैं। इनका निदान संभव है। इसके लिए ठोस योजना और शोध अध्ययन होना चाहिए। इसीलिए ऐसे बिंदुओं पर पीएचडी का निर्णय लिया गया है। शहरी प्रबंधन में विभिन्न समस्याएं साफ दिखती हैं। शोध के माध्यम से हमारे शोधार्थी इसका समाधान खोजेंगे।