मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमएमएमयूटी) ने बीटेक पाठ्यक्रम को बाजार के हिसाब से तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके तहत बीटेक के अंतिम सेमेस्टर को इंटर्नशिप में तब्दील किया जाएगा। ऐसे में विद्यार्थियों को अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई किसी इंडस्ट्री में करनी होगी। इंडस्ट्री में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम सेमेस्टर के अंक भी निर्धारित किए जाएंगे। यह मूल्यांकन इंडस्ट्री के फीडबैक और इसे लेकर विश्वविद्यालय द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर होगा।
विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम को स्किल ओरिएंटेड बनाने के क्रम में यह फैसला लिया है। बीटेक का पाठ्यक्रम कुल आठ सेमेस्टर का होता है। अब तक की व्यवस्था के अनुसार विद्यार्थियों को छठवें सेमेस्टर के बाद एक महीने की इंटर्नशिप करनी होती थी। इसके चलते विद्यार्थी इंडस्ट्री का कम अनुभव हासिल कर पाते थे। अब वह छह महीने का इंटर्नशिप करेंगे, जिससे उनका पाठ्यक्रम से जुड़ा व्यावहारिक ज्ञान बढ़ेगा।
नए फैसले से फायदा यह होगा कि विद्यार्थी अब पूरा ध्यान इंडस्ट्री से मिलने वाले व्यावहारिक ज्ञान को हासिल करने में लगा सकेंगे, जिसका सीधा फायदा उन्हें भविष्य में करियर संवारने में मिलेगा। इस सहूलियत के लिए विद्यार्थियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अगले ही सत्र से इसे शुरू कर देने की तैयारी विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर ली है।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि कोशिश की जा रही है कि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने बाद बेहतर रोजगार उपलब्ध हो सके। अध्ययन-अध्यापन की व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। अंतिम सेमेस्टर को इंटर्नशिप सेमेस्टर में तब्दील करने का फैसला इसी का हिस्सा है।