धूप व गर्मी से बचने के लिए छाता लगाकर जाती युवतियां।
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दिन की तेज धूप बच्चों और बुजुर्गों को बीमार कर रही है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच 10 डिग्री सेल्सियस का अंतर भी परेशानी बढ़ा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि दोपहर में स्कूल से लौट रहे बच्चों के सेहत की अधिक देखभाल की जरूरत है। क्योंकि यह तेज धूप उन्हें गंभीर रूप से बीमार कर सकती है।
आमतौर पर अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में दिन का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, लेकिन नमी अधिक होने की वजह से धूप बेचैन नहीं करती। इस बार धूप तेज है और नमी भी कम है, लिहाजा गर्मी अधिक परेशान कर रही है। सबसे अधिक प्रभाव दोपहर में स्कूलों से लौट रहे बच्चों को हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिंह बताते हैं कि इस वक्त सबसे अधिक बच्चे सर्दी-बुखार व सिरदर्द से पीड़ित होकर अस्पताल आ रहे हैं।
ये करें उपाय
- बच्चों को धूप में न खेलने दें। दोपहर में छुट्टी के वक्त छाए में लेकर घर आएं।
- इस मौसम में डिहाईड्रेशन तेज होता है, इसलिए बच्चों को बार-बार पानी पिलाते रहें।
- ताजा भोजन दें और सड़क के किनारे बिकने वाले खाद्य पदार्थ को न खाने दें।
- बुखार आने पर पूरे शरीर को ठंडे पानी से पोछें और तत्काल डॉक्टर के पास ले जाएं।
- मच्छरों-मिक्खयों से बचाने के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनाएं।