दरअसल, गोरखपुर शहर और बांसगांव लोकसभा क्षेत्र से जिले के नौ विधानसभा क्षेत्र जुड़े हैं। गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच, कैंपियरगंज, चौरीचौरा, सहजनवां और बांसगांव विधानसभा क्षेत्र में ही पांच लाख से ज्यादा निषाद वोटर हैं। खजनी और चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा वोटर हैं। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के मुताबिक यूपी की 135 विधानसभा सीटों पर निषाद वोटर प्रभावी भूमिका निभाते हैं।
मिर्जापुर, संतकबीरनगर, महराजगंज, कुशीनगर, बलिया, गाजीपुर, भदोही और चंदौली की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर निषाद वोटरों का बड़ा प्रभाव है। जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट निषाद बाहुल्य है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में संजय निषाद पार्टी के टिकट पर इसी सीट से चुनाव लड़े थे।
सपा को जीत मिली थी, लेकिन निषाद पार्टी दूसरे स्थान पर थी। जौनपुर की शाहगंज विधानसभा सीट पर निषाद वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मिर्जापुर की एक विधानसभा सीट ऐसी है, जहां 96 गांवों में निषाद समाज के लोग रहते हैं।
निषाद समाज से जुड़े प्रभावशाली लोगों का कहना है कि भाजपा ने निषाद समाज को सम्मान दिया है। ऐतिहासिक निषाद राज का किला विकसित किया जा रहा है। समाज के लिए अलग मंत्रालय के साथ ही बीमा की व्यवस्था की गई है। राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी मिल रहा है। माना जा रहा है कि इससे निषाद समाज की ताकत बढ़ेगी और समाज में भाजपा की पैठ।
पिछले लोकसभा चुनाव में निषाद पार्टी से हाथ मिलाने का भाजपा को जबरदस्त फायदा मिला था। लोकसभा उपचुनाव में जो सीट (गोरखपुर शहर) पार्टी हार गई थी, उसे साल 2019 के चुनाव में बड़े अंतर से जीत लिया। गोरखपुर-बस्ती मंडल की सभी सीटों पर भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली थी। यही प्रदर्शन पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में दोहराना चाहती है।
आगामी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के इरादे से उतरेगी पार्टी
भाजपा की गोरखपुर क्षेत्र इकाई में विधानसभा की 62 सीटें हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल की 62 में से 44 सीटों पर भाजपा व उसके सहयोगी पार्टी को जीत मिली थी। इस बार पार्टी और अच्छे प्रदर्शन के इरादे के साथ चुनाव मैदान में उतरना चाह रही है। इसी का नतीजा है कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले ही जातीय समीकरण साधे जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में निषाद वोटरों की संख्या अच्छी है।
... तो गोरखपुर से दूसरे राज्यसभा सांसद होंगे
जय प्रकाश निषाद गोरखपुर से दूसरे राज्यसभा सदस्य बन सकते हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा को कोई टक्कर देने वाला नहीं है। जय प्रकाश को जीत मिलनी लगभग तय है। ऐसा हुआ तो वह राज्यसभा में गोरखपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे। इससे पहले पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ल राज्यसभा में पहुंचे। शिव प्रताप अब राज्यसभा के सचेतक भी हैं।
निषाद पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि निषाद समाज की एकजुटता रंग लाई है। समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देकर भाजपा ने अच्छा किया है। इसका फायदा आगामी विधानसभा चुनाव में भी भाजपा व उसके सहयोगी दलों को जरूर मिलेगा। कांग्रेस, सपा और बसपा ने निषाद समाज को सिर्फ वोट बैंक समझा था। असली सम्मान अब मिला है।
भाजपा राज्यसभा प्रत्याशी जय प्रकाश निषाद ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाती है। साल 2012 में चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक बना था, फिर मंत्री रहा। बसपा की नीतियां खटकीं तो भाजपा में आ गया। क्षेत्रीय संगठन में काम किया। पूर्वांचल विकास बोर्ड का सदस्य बनाया गया। अब पार्टी ने राज्यसभा प्रत्याशी बनाकर निषाद समाज का मान-सम्मान बढ़ाया है। राज्यसभा में जाकर पार्टी की नीतियों के हिसाब से काम करना है। समाज व सबको साथ लेकर आगे बढ़ना है।
गोरखपुर क्षेत्र के भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के उपाध्यक्ष जय प्रकाश निषाद को बधाई। लोकसभा उपचुनाव के दौरान जय प्रकाश भाजपा से जुड़े। पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी उसका निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। अब पार्टी ने राज्यसभा का प्रत्याशी बना दिया है। जय प्रकाश अनुभवी नेता हैं। इसका लाभ भाजपा को जरूर मिलेगा। पार्टी और मजबूत होगी।
राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने के बाद जय प्रकाश निषाद मंगलवार की देर शाम गोरखनाथ मंदिर गए। गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया, फिर गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर आशीर्वाद लिया। जय प्रकाश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। साथ ही कहा कि वह पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।