प्रेस कांफ्रेंस करते डॉ. अरुण कुमार।
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उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी के भाई डॉ. अरुण कुमार ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में असिस्टेंट प्रोफेसर पद से इस्तीफा दे दिया है। जिला मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में त्यागपत्र की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बीते 21 मई को विवि के मनोविज्ञान विभाग में मेरी योग्यता (पीएचडी, एमए मनोविज्ञान और गोल्ड मेडलिस्ट) डीआईपीआर-डीआरडीओ से जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) एवं एसआरएफ (
वरिष्ठ अनुसंधान फेलोशिप), 17 पब्लिकशंस पुस्तक का संपादन इत्यादि के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के अतंर्गत असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में हुई थी। कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही मेरे बड़े भाई, प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी को इस नियुक्ति से जोड़कर उन पर निरर्थक, निराधार और अपमानजनक आरोप लगाकर उनकी छवि को धूमिल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह आरोप मेरे लिए असहनीय है। मैं मानसिक संत्रास की स्थिति से गुजर रहा हूं। बड़े भाई, परिवार के सामाजिक, राजनीतिक सम्मान से ज्यादा अहमियत और किसी चीज की नहीं है। ऐसे में असिस्टेंट प्रोफेसर पद से इस्तीफा देना ही बेहतर समझा।
बातचीत में भावुक हो चुके मंत्री के भाई डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि मंत्री का भाई होना अपराध और ब्राह्मण परिवार का बेटा होना अभिशाप हो गया है। बता दें कि मंत्री के भाई अरुण द्विवेदी की नियुक्ति ईडब्ल्यूएस कोटे के अंतर्गत असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुई थी।
यह मामला चर्चा में आया तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रमाण के आधार पर नियुक्ति देने की बात की थी, जबकि प्रदेश की कई हस्तियों ने प्रमाण पत्र के जांच की मांग की थी।