कोविड कमांड सेंटर भी पहुंचे
शाम को इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे अपर मुख्य सचिव ने प्रभारी व उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सुनीता पटेल से जानकारी ली। सुनीता ने अपर मुख्य सचिव को बताया कि द्वितीय डोज के गैप को पूर्ण करने के लिए प्रतिदिन दो से ढाई हजार लोगों को फोन किया जाता है। इस वक्त 1246 मरीज होम आइसोलेट हैं, मरीजों से वार्ता कर उनकी समस्या का समाधान कराया जाता है। कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम ने बताया कि एक पाजिटिव व्यक्ति के संपर्क में 20 से 40 लोगों के आने की संभावना होती है। नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि संपर्क में आए सभी व्यक्तियों की सूचना संबंधित पोर्टल पर अपडेट की जाती है। संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी उनकी सैंपलिंग कराते हैं। डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि यहां दो दो घंटे की शिफ्ट में सभी अपर सीएमओ की ड्यूटी लगी है। सीएमओ इसकी निगरानी करते हैं। एडीएम फाइनेंस एवं एडीएम प्रशासन प्रतिदिन समीक्षा बैठक करते हैं। सीएमओ प्रतिदिन सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक करते हैं। इस दौरान सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे , ईडीएम नीरज श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
टीकाकरण पर दिया जोर
निरीक्षण के बाद देर शाम समीक्षा बैठक हुई, जिसमें कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण पर जोर दिया गया। डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि टीकाकरण बढ़ाने के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, पार्षदों तथा धर्म गुरुओं के साथ लगातार बैठक की गई है। सभी चिकित्साधिकारियों को टीकाकरण के कार्य की नियमित समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। टीकाकरण बढ़ाने के लिए निगरानी समितियों के माध्यम से क्षेत्र में तीन दिन पहले से प्रचार किया जाता है। जो लोग टीकाकरण से वंचित रह जा रहे हैं, उनकी सूची आशा एवं एएनएम से प्राप्त कर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम से फोन करके बुलाया जाता है फिर टीका लगाया जाता है। अपर मुख्य सचिव को बताया गया कि जनपद के सभी 17 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हैं।