केस -1
पादरी बाजार की रहने वाली 26 वर्षीया रीना प्रजापति एक दुकान में सेल्स गर्ल के तौर पर काम करती थीं। रात में अपने सारे पसंदीदा टीवी धारावाहिक मोबाइल पर देखती थीं। करीब छह महीने पहले अचानक चक्कर आने लगा। कई अस्पतालों में इलाज कराया। कुछ दिन आराम के बाद फिर दिक्कत आ जाती थी। इसके चलते नौकरी छूट गई। पिछले सप्ताह एम्स के न्यूरो विभाग में जांच कराई गई तो पता लगा कि सर्वाइकल है। डॉक्टर ने 15 दिन बाद दोबारा जांच के लिए बुलाया है।
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केस- 2
गोपालगंज जिले के सोनबरसा निवासी 19 वर्षीय विकास वर्मा गाजियाबाद में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र हैं। हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान ही उसे मोबाइल पर गेम खेलने का आदत लग गई। करीब तीन महीने पहले उसे बिस्तर से उठने व चलने में दिक्कत आने लगी। जांच कराई तो पता लगा कि स्लिप डिस्क की समस्या हो गई है।
गोरखपुर एम्स न्यूरो सर्जन डॉ. राहुल गुप्ता ने कहा कि लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल पर गेम खेलना, सोकर टीवी देखना, कुर्सी पर गलत तरीके से बैठने आदि के कारण रीढ़ की हड्डी में दिक्कत आने लगती है। स्लिप डिस्क समेत कई बीमारियां इस वजह से होती हैं। शुरुआत में ही अगर लक्षण के आधार पर इलाज हो जाए तो ठीक है, वरना कई मामलों में सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है। इधर सबसे अधिक लोग मोबाइल देखकर बीमार हो रहे हैं। ऐसे 7-8 मरीजों का ऑपरेशन होना है, जिसके लिए जरूरी जांच कराई जा रही है।