महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में कार्य परिषद की पहली बैठक के साथ ही गुरुवार को विवि का अनौपचारिक शुभारंभ हो गया। कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय की परिनियमावली पर अपनी मुहर लगा दी और उसे शासन को भेजे जाने के लिए अनुमोदित कर दिया। परिषद ने विश्वविद्यालय के लोगो और कुलगीत को भी संस्तुति प्रदान कर दी है। बताया गया कि बीएएमएस पाठ्यक्रम को शुरू करने की मान्यता मिल चुकी है।
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय के संचालन के लिए जरूरी अन्य औपचारिक मुद्दों पर भी कार्य परिषद ने अपनी मुहर लगा दी। कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने बताया कि बैठक में सबसे पहले विश्वविद्यालय की स्थापना के उद्देश्य, दृष्टि, मिशन आदि पर चर्चा हुई। उसके बाद उन मानकों को पटल पर रखा गया जो संचालन के लिए जरूरी थे।
परिषद ने विश्वविद्यालय में प्राथमिक तौर पर संचालित होने वाले बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रवेश समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दी। वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक की जल्द नियुक्ति पर भी बैठक में मुहर लगी। साथ ही गुरु श्रीगोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज परिसर में संचालित करने पर परिषद के सदस्यों विचार किया और अपनी-अपनी राय दी।
बैठक की अध्यक्षता कुलपति मेजर जनरल अतुल वाजपेयी ने की। परिषद के सदस्य के तौर पर योगी मिथिलेश नाथ, रामजन्म सिंह, प्रमथ नाथ मिश्र, डॉ. सीएम सिन्हा, डॉ. एसएन सिंह, ब्रह्मदेव, डॉ. डीएस अजीथा, प्रो. शोभा गौड़ मौजूद रहे।
कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में पहले से संचालित गुरु श्रीगोरक्षनाथ कॉलेज आफ नर्सिंग को सत्र 2021-22 से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से असंबद्ध करने का निर्णय लिया। तय किया गया कि जबतक विश्वविद्यालय का अपना पाठ्यक्रम तैयार नहीं हो जाता, तबतक अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया पहले की ही तरह चलती रहेगी।