छह महीने पहले स्वर्ण व्यापारी से 19 नकदी और 11 लाख के जेवरात लूटने की घटना के बाद एक बार फिर सिपाही की करतूत ने महकमें को शर्मसार किया है। यातायात कार्यालय में तैनात सिपाही मनीष यादव इन दिनों छुट्टी पर है। गोरखपुर में सोमवार को हुई दो लाख रुपये की जालसाजी में उसके शामिल होने की बात सामने आने के बाद उसकी खोजबीन शुरू हुई।
पता चला कि गोरखपुर जिले के गगहा थानाक्षेत्र का निवासी 2013 बैच का सिपाही मनीष यादव 13 जून को 14 दिन की छुट्टी लेकर घर गया है। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि गोरखपुर पुलिस ने उसके बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है, मगर मीडिया की खबरों को संज्ञान लेकर उसके बारे में सभी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
इससे पहले 19 जनवरी को महराजगंज जिले के दो स्वर्ण व्यापारियों को चेकिंग के बहाने अपने साथ ले जाकर नौसड़ में 19 लाख रुपये नकद और 11.20 लाख रुपये के गहने लूटने में पुरानी बस्ती थाने में तैनात एसआई और तीन सिपाहियों का नाम सामने आया था। तीनों को गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
क्या है प्रकरण
सोमवार को गोरखपुर पुलिस ने जालसाजी करके रुपये दो गुना करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को नाटकीय ढंग से पकड़ा। ये लोगों को रुपये दोगुना करने का झांसा देकर रकम हड़प लेते थे। इनके चौथे सदस्य गिरोह के सरगना के रूप में गगहा थाने के बनपुरवा गांव निवासी मनीष यादव का नाम सामने आया , जो बस्ती जिले की पुलिस लाइंस में तैनात बताया गया। इस जानकारी के बाद मनीष की खोजबीन होने लगी।