दरअसल, गगहा में जिस महुआ के पेड़ को लेकर मां और बेटे की हत्या की गई थी, उस मामले में शिकायत थाने तक पहले भी पहुंची थी, लेकिन तब पुलिस ने मामले को हल्के में लिया था और बड़ी वारदात हो गई। झंगहा इलाके में युवक की हत्या के मामले में भी पुलिस की लापरवाही सामने आई। वहां पर भी विवाद की सूचना थाने पर पहले दी गई थी। पुलिस ने एनसीआर दर्ज करने के बाद उसकी विवेचना नहीं की। बाद में युवक की हत्या हो गई।
फरियाद लेकर अफसरों तक आने वाले लोगों से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि वह थाने पर गए थे या नहीं। अगर थाने पर गए थे, तो वहां के रजिस्टर में उनकी इंट्री है या नहीं, इन सब का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इस आधार पर थानेदार के काम की मानीटरिंग की जा रही है। यह व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है कि थाने पर सबकी फरियाद सुनी जाए और एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी न हो।
जिले के थानों पर टॉप 20 बदमाशों की सूची तैयार की जा रही है। थानेदार और सीओ खुद इसकी मानीटरिंग कर रहे हैं। सूची तैयार करने के साथ ही बदमाशों पर कार्रवाई भी करनी होगी। इसकी मानीटरिंग खुद एसएसपी करेंगे। थानेदार को अपराधियों के संपत्ति का ब्योरा जुटाने का भी आदेश दिया गया है। इस काम में पुलिस गोपनीय रूप से कुछ संभ्रात लोगों की भी मदद लेगी।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि एनसीआर दर्ज करने के बाद उसकी विवेचना करनी होगी। मामला गंभीर पाए जाने पर उसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही थाने पर टॉप 20 बदमाशों की सूची तैयार कराई जा रही है। बदमाशों की संपत्ति का भी ब्योरा जुटाना होगा। किसी भी हाल में बदमाशों को बख्शा नहीं जाएगा, उन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।