कोरोना महामारी के चलते सूबे के तीन स्पोर्ट्स कॉलेजों में शुमार गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में खिलाड़ियों की प्रैक्टिस ‘संक्रमित’ हो गई है। डेढ़ वर्षों से स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रैक्टिस और अध्यापन कार्य बंद होने से खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठे-बैठे खिलाड़ी ओवरएज हो रहे हैं। वहीं पिछले सत्र में कोरोना की वजह से प्रवेश नहीं लिया गया था। वर्तमान सत्र भी उसी राह पर है।
शासन स्तर से स्पोर्ट्स कॉलेज को संचालित करने के लिए मंथन किया जा रहा है। स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्यों से इसे लेकर सुझाव भी मांगे गए। मगर, उसके बाद भी इन्हें खोलने की योजना पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। अमूमन स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया जनवरी में शुरू होती है। कई चरण में आयोजित होने वाली प्रवेश प्रक्रिया को मार्च तक पूरा कर अप्रैल से सत्र की शुरुआत की जाती है। बावजूद इसके अभी तक सत्र 2021-22 में प्रवेश को लेकर कोई कार्यक्रम खेल विभाग की ओर से जारी नहीं किया गया है। जबकि, प्रदेश के अंदर कक्षा एक से लेकर बारहवीं की तक की कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है।
इन खेलों का होता प्रशिक्षण
स्पोर्ट्स कॉलेज में बालक/ बालिका कुश्ती, वॉलीबाल, जिमनास्टिक के साथ केवल लड़कियों के लिए हॉकी खेल का प्रशिक्षण दिया जाता है। गोरखपुर के अलावा प्रदेश के सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज और गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ में खिलाड़ियों के लिए आवासीय व्यवस्था के साथ-साथ शिक्षण और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है।