प्रशासनिक अफसरों के मुताबिक सद्दाम अवैध पटाखे का पुराना कारोबारी है। इसके पहले 2017 में भी अवैध पटाखे की बिक्री व संग्रह पर प्रशासन ने उसके खिलाफ कार्रवाई की थी।
आग की तरह फैली सूचना, भाग गए कारोबारी
प्रशासन की तरफ से अभियान शुरू करने की सूचना आधे घंटे के भीतर ही आग की तरह फैल गई। नतीजा यह हुआ कि ज्यादातर पटाखों के अवैध कारोबारी दुकान-गोदाम बंद कर भूमिगत हो गए। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची तो वहां सन्नाटा पसरा मिला। दुकान-गोदाम बंद मिले।
सभी के लाइसेंस की होगी जांच
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि अब तक जारी सभी लाइसेंसों की जांच की जाएगी। देखा जाएगा कि कोई ऐसा तो नहीं जिसके लाइसेंस की समयावधि खत्म हो गई है और वह पटाखे की बिक्री कर रहा हो। इसके लिए जिले के सभी तहसीलों के एसडीएम व सीओ की संयुक्त टीम बनाई गई है। अवैध पटाखे की बिक्री करते, बनाते या भंडारण करता हुआ कोई भी मिला तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। डीएम ने बताया कि साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग को भी मिठाई समेत खान-पान के सभी रेस्त्रां-दुकानों पर अभियान चलाकर जांच करने को कहा गया है।