गोरखपुर में सड़क पर थूकने के साथ ही कूड़ा फेंकना अब महंगा पड़ने वाला है। चार मार्च से नगर निगम सड़क पर गंदा फेंकने, होटलों का कूड़ा फेंकने, मलबा फेंकने, घर से बिना अलग-अलग किए कूड़ा फेंकने पर जुर्माना वसूलेगा। मछली-मुर्गा का अपशिष्ट सड़क पर फेंकने पर 750 रुपये जुर्माना देना होगा। वहीं सड़क पर कूड़ा फेंकते हुए पकड़े जाने पर 200 रुपये जुर्माना देना होगा।
स्वच्छ भारत मिशन नगरीय के विशिष्ट अभियान ‘10 तक’ डोर टू डोर के अंतर्गत तीसरे चरण में चालान की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके तहत घर से लेकर होटल तक के लोगों से गंदगी फैलाने पर चालान का प्रावधान किया गया है। स्रोत स्थल पर गीले और सूखे कूड़े को अलग न करने व निर्धारित स्थान पर कूड़ा न फेंकने पर 200 रुपये जुर्माना लगेगा।
इसी तरह निर्माण एवं विध्वंस थोक अपशिष्ट पदार्थों के जहां तहां फेंकने पर 2,000 रुपये और उद्यान अपशिष्ट व पेड़ों की छाल और कतरनों को फेंकने पर 200 रुपये जुर्माना लगेगा। मछली, मुर्गा अैर मांस अपशिष्ट फेंकने पर 750 रुपये और थोक अपशिष्ट उत्सर्जकों को फेंकने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
सहायक नगर आयुक्त मणिभूषण तिवारी का कहना है कि चार मार्च से गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके तहत यह प्रावधान किया गया है कि नगर निगम के सभी इंस्पेक्टर प्रतिदिन प्रत्येक वार्ड में 50 घरों की जांच करेंगे।
टोल फ्री नंबर 1533 पर करें शिकायत
सड़क पर गंदगी फैलाने, थूकने, खुले में मूत्र एवं मल त्याग करने पर जुर्माना किया जा सकता है। किसी भी प्रकार शिकायतों को दर्ज कराने के लिए नगर निगम ने टोल फ्री नंबर (1533) जारी किया है। इस नंबर पर फोन करके अथवा स्वच्छता एप के माध्यम सें सचित्र शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।