राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा की तरफ से इसके लिए पत्र जारी किया गया है। इसके अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में चल रहे, आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के दायरे को बढ़ाकर, उसे विशेष आत्मरक्षा शिविर का नाम दिया गया है।
बेटियां आगे बढ़ रही हैं। उनका आत्मबल बढ़ाकर आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करने को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से खास मुहिम शुरू की गई है। ‘मुझमें है दम, नहीं किसी से कम’ कार्यक्रम के तहत उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों की छात्राओं को सुरक्षा का पाठ पढ़ाकर, उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिले के 490 विद्यालयों में इसकी शुरुआत हो गई है।
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राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा की तरफ से इसके लिए पत्र जारी किया गया है। इसके अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में चल रहे, आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के दायरे को बढ़ाकर, उसे विशेष आत्मरक्षा शिविर का नाम दिया गया है। बाकायदा 2000 रुपये की धनराशि भी प्रेषित की गई है।
इसके तहत हर विद्यालय में आत्मरक्षा की जानकारियों की 12 पृष्ठ की बुकलेट तैयार कराई जा रही है। जिसमें छात्राओं की सुरक्षा के बिंदु होंगे, जिसे पढ़कर वह जागरूक होंगी। छात्राओं को अपनी आत्मरक्षा के किट स्वयं बनाने की टिप्स भी होंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर वह उनका प्रयोग कर सकें। इसके अलावा विद्यालय व संकुल स्तर पर आत्मरक्षा प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
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बालिका शिक्षा जिला समन्वयक डॉ. ज्ञान प्रकाश राय ने कहा कि बालिकाओं के प्रशिक्षण के लिए शासन स्तर से खास योजना बनाई गई है। इसे उच्च प्राथमिक स्तर पर लागू कराकर छात्राओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि शिक्षा के साथ ही वह अपनी आत्म सुरक्षा भी कर सकें।