नेपाल सीमा पर बरती जा रही सतर्कता का जायजा लेने शुक्रवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंध प्राधिकरण गृह मंत्रालय के विशेष सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सोनौली पहुंचे। सोनौली भारत द्वार और इमीग्रेशन कार्यालय के बगल में बने कोरोना हेल्थ कैंप का जायजा लिया। डॉक्टरो द्वारा किए जा रहे जांच के तौर-तरीकों को देखा।
केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुपालन की स्थिति की जानकारी ली। फिर अफसरों संग बैठक कर कोरोना से निपटने के उपायों पर चर्चा की। नेपाल सीमा से विदेशी पर्यटकों की आवाजाही रोक दी गई है, लेकिन इस सीमा से नेपाल के नागरिक आ रहे हैं। वहीं विशेष सचिव ने जिला अस्पताल पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया। आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था को देखने के लिए सभी जरूरी उपाय करने का निर्देश दिया।
शुक्रवार को सोनौली पहुंचे विशेष सचिव डॉ. प्रदीप कुमार ने हेल्थ हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया। जहां डॉक्टर स्टाफ के साथ नेपाल से पैदल आने-जाने वालों की स्क्रीनिंग कर रहे थे। हेल्थ हेल्प डेस्क का निरीक्षण करने के बाद डॉ. प्रदीप कुमार ने एसडीएम नौतनवां जसधीर सिंह, सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव, ईओ सोनौली राजनाथ यादव आदि अफसरों के साथ एक होटल में बैठक की। बैठक में कोरोना से बचाव को लेकर किए गए इंतजाम, पर्यटकों की स्क्रीनिंग डाटा, आपातकाल के लिए व्यवस्था और संसाधनों की समीक्षा की।
बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। सीमाई इलाकों से आए प्रधानों से स्वास्थ्य विभाग से मिलकर इस आपदा से निपटने के उपाय करने को कहा। प्रधानों से इसके लिए सहयोग मांगा। उन्होंने बताया कि गाइड लाइन के अनुपालन की स्थिति देखी गई है। रिपोर्ट मंत्रालय को सौपी जाएगी। इस दौरान एडीपीआरओ नित्यानंद, आनंद उपाध्याय, कृष्ण कुमार, जयराम सिंह, शैलेंद्र पांडेय, रामशंकर तिवारी, संजय मद्धेशिया, जय किशन आदि मौजूद रहे।
32 हजार लोगों की स्क्रिनिंग हुई
शुक्रवार की दोपहर तक डॉ. अमित कुमार, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. पारस नाथ के साथ मेडिकल टीम ने नेपाल से आने वाले सभी यात्रियों की हेंड गन से जांच की। संदेह होने पर फार्म भी भरा गया। सीएमओ ने बताया कि अभी तक 32 हजार लोगों की स्क्रीनिंग हुई है।