दरअसल, जालसाज ई-मेल हैक नहीं करता है। वह किसी का ई-मेल प्राप्त करता है और हैक करने की धमकी भरा ई-मेल भेज देता है। यदि ई-मेल धारक उसकी इस धमकी से डर गया तो जालसाज के जाल में फंस जाता है। यदि ई-मेल धारक समझ जाता है कि उसे फर्जी तरीके से धमकाया जा रहा है तो वह जालसाज के जाल में नहीं फंसता है।
- ई-मेल पर आने वाले ऐसे किसी भी संदेश का कोई जवाब न दें
- लिंक को खोलने की कोशिश कतई न करें
- जब ई-मेल का इस्तेमाल न हो तो उसे लॉगआउट जरूर कर दें
- काम न होने पर लैपटॉप को बंद रखें
- लुभावने ऑफर हों या धमकी उससे कुछ नहीं होगा, बस लिंक पर जाकर कोई रुपये न भेजें
बेलघाट निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर साकेत सिंह के पास एक मेल आया था। इसमें हैक कर दस्तावेज को सार्वजनिक करने की चेतावनी दी गई थी। साकेत खुद कंप्यूटर के जानकार हैं। उनको मालूम था कि उनका मेल हैक नहीं हो सकता है। इसलिए वे बहकावे में नहीं आए। उन्होंने बताया कि देखने से ही यह फर्जी लगता है, इसलिए पुलिस में शिकायत नहीं किए।
केस दो
मोहद्दीपुर में रहने वाले एक बड़े कंपनी के अधिकारी के पास भी इसी तरह का मेल आया। उनके ऑफिस के मेल को हैक करने की बात कहते हुए 950 डॉलर की मांग की गई। वह भी तुरंत समझ गए और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस तरह के मेल पर जवाब देने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि साइबर अपराध का दायरा काफी बढ़ गया है। जैसे ही कोई शिकायत आती है, साइबर सेल उस पर काम कर कार्रवाई करता है। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और बहकावे में नहीं आना चाहिए। शिकायत करने पर कार्रवाई की जाएगी।