फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ई-मेल हैक कर बदनाम करने की धमकी दे रहे हैं जालसाज, राहत के लिए मांग रहे रकम

Sat, 27 Feb 2021 01:54 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

जालसाज अब ई-मेल को हैक कर उसमें मौजूद दस्तावेज को सार्वजनिक कर बदनाम करने की धमकी देकर वसूली कर रहे हैं। अमर उजाला के संज्ञान में ऐसे दो मामले आए हैं, लेकिन इन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं की है, क्योंकि वह समझ गए थे कि उनका ई-मेल हैक नहीं हुआ है। कोई जालसाज ठगी की कोशिश कर रहा है। ऐसे ई-मेल मिलने पर जिसके ई-मेल में कोई आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं है, उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन 'काला-सफेद' करने वाले ब्लैकमेल हो सकते हैं।

विज्ञापन

 
जानकारी के मुताबिक, इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ ही साइबर अपराध में भी इजाफा हुआ है। अब ई-मेल हैक कर बदनाम करने की धमकी देकर वसूली करने का मामला सामने आया है। जालसाज ई-मेल भेजकर कहता है कि आपका ई-मेल हैक कर लिया गया है। उसमें मौजूद दस्तावेज मेरे पास है।

अगर दस्तावेज सुरक्षित चाहते हो तो क्रिप्टो करेंसी में रकम भेजो। मेल में जालसाज धमकी देता है कि अगर पुलिस या कहीं अन्य जगह शिकायत की तो इसकी जानकारी उस तक पहुंच जाएगी। फिर मेल में मौजूद दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। मेल के जरिए लोगों को गलत सामग्री भेजकर मेल धारक को परेशानी में डालने की भी धमकी जाती है। रकम मंगाने के लिए जालसाज लिंक भी भेज रहे हैं।

विज्ञापन

यह सावधानी बरतें

दरअसल, जालसाज ई-मेल हैक नहीं करता है। वह किसी का ई-मेल प्राप्त करता है और हैक करने की धमकी भरा ई-मेल भेज देता है। यदि ई-मेल धारक उसकी इस धमकी से डर गया तो जालसाज के जाल में फंस जाता है। यदि ई-मेल धारक समझ जाता है कि उसे फर्जी तरीके से धमकाया जा रहा है तो वह जालसाज के जाल में नहीं फंसता है।
  • ई-मेल पर आने वाले ऐसे किसी भी संदेश का कोई जवाब न दें
  • लिंक को खोलने की कोशिश कतई न करें
  • जब ई-मेल का इस्तेमाल न हो तो उसे लॉगआउट जरूर कर दें
  • काम न होने पर लैपटॉप को बंद रखें
  • लुभावने ऑफर हों या धमकी उससे कुछ नहीं होगा, बस लिंक पर जाकर कोई रुपये न भेजें
विज्ञापन

केस एक

बेलघाट निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर साकेत सिंह के पास एक मेल आया था। इसमें हैक कर दस्तावेज को सार्वजनिक करने की चेतावनी दी गई थी। साकेत खुद कंप्यूटर के जानकार हैं। उनको मालूम था कि उनका मेल हैक नहीं हो सकता है। इसलिए वे बहकावे में नहीं आए। उन्होंने बताया कि देखने से ही यह फर्जी लगता है, इसलिए पुलिस में शिकायत नहीं किए।

केस दो
मोहद्दीपुर में रहने वाले एक बड़े कंपनी के अधिकारी के पास भी इसी तरह का मेल आया। उनके ऑफिस के मेल को हैक करने की बात कहते हुए 950 डॉलर की मांग की गई। वह भी तुरंत समझ गए और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस तरह के मेल पर जवाब देने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
 
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि साइबर अपराध का दायरा काफी बढ़ गया है। जैसे ही कोई शिकायत आती है, साइबर सेल उस पर काम कर कार्रवाई करता है। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और बहकावे में नहीं आना चाहिए। शिकायत करने पर कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें