गोरखपुर के वार्ड संख्या-63 मिर्जापुर के सपा पार्षद सौरभ विश्वकर्मा व उसके भाई चंदन विश्वकर्मा को शुक्रवार को जिला बदर कर दिया गया। पुलिस ने उसके मोहल्ले में शुक्रवार की दोपहर मुनादी कराई। अब दोनों भाइयों को 6 महीने तक महजराजगंज जिले में रहना पड़ेगा। सपा नेता सुनील सिंह के साथ कोतवाली थाने में उपद्रव करने के आरोप में जेल भी गए थे।
जानकारी के मुताबिक, सौरभ विश्वकर्मा व चंदन विश्वकर्मा पर गैंगस्टर व रासुका की कार्रवाई भी हो चुकी है। सुनील सिंह के साथ चंदन पर वर्ष 2018 में रासुका लगा था। दोनों भाइयों पर हत्या, हत्या की कोशिश सहित 40 से ज्यादा केस दर्ज हैं। वे हिस्ट्रीशीटर भी हैं। जनवरी 2021 को दोनों भाइयों को राजघाट पुलिस ने तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अकेले राजघाट व कोतवाली थाने में दोनों पर 12 से अधिक केस दर्ज हैं। इनका जमीन व मकान की भी कुर्की हो चुकी है।
दोनों पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाहर सपा नेताओं के साथ प्रदर्शन कर पुलिस से हाथापाई, तोड़फोड़, सरकारी काम में बाधा डालने, 7 सीएलए की धाराओं में गुलरिहा और चिलुआताल थाने में भी केस दर्ज था। पार्षद सौरभ विश्वकर्मा पर 17 और चंदन पर 23 गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। दोनों पर कार्रवाई पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम ने किया है।