17 अप्रैल को शमा के पुत्र अनस चौधरी ने इसकी शिकायत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल से की। उसी दिन उनकी तरफ से रिटर्निंग ऑफिसर को संबोधित पार्टी के लेटर हेड पर एक पत्र जारी कर कहा गया कि वार्ड नंबर 32 से शमा याशनीन को ही अंतिम अनुमोदित प्रत्याशी माना जाए। मगर आरोप है कि पार्टी के एक पदाधिकारी ने इस पत्र को भी दबा लिया। यह पत्र भी सोशल मीडिया पर तैर रहा है।
महानगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने साजिश करते हुए अलीमुननिसा को फार्म ए, बी भी उपलब्ध करा दिया। मैंने इस पूरे खेल की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को दी थी। प्रदेश अध्यक्ष ने आरओ के नाम से पत्र जारी कर मेरी मां को अधिकृत प्रत्याशी बताया था। मगर, महानगर अध्यक्ष ने यह पत्र भी दबवा दिया।
- अनस चौधरी, पुत्र शमा याशनीन, वार्ड नंबर 32
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पार्टी ने मेरी मां अलीमुननिसा को प्रत्याशी घोषित किया है। धोखा तो हम लोगों के साथ हुआ है। शमा याशनीन ने आखिरी दिन 17 अप्रैल को नामांकन किया जबकि हमारा नामांकन इसके काफी पहले हो गया था। वार्ड की जनता का हमें अपार समर्थन है। हमें फर्जीवाड़ा या गुणा-भाग करने की क्या जरूरत है।
- दानिश मुस्तफा, पुत्र, अलीमुननिसा।
अब जिसका नामांकन हो गया वही पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी माना जाएगा। कुछ मामले पेंचीदे होते हैं। ऐसे मामलों पर निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष करते हैं। आरोप लगाना ठीक बात नहीं है।
- ब्रजेश गौतम, जिलाध्यक्ष, सपा।
शमा ने नामांकन में देरी कर दी जिसकी वजह से वह निर्दल घोषित हो गईं। मैं सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों का पालन करता हूं। व्यक्तिगत तौर पर मैं किसी को प्रत्याशी या सिंबल फार्म नहीं दे सकता।
- कृष्ण कुमार त्रिपाठी, निवर्तमान महानगर अध्यक्ष, सपा।