अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) की पढ़ाई होगी। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से 21 विभागों में पढ़ाई की अनुमति मांगी गई है। जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के मुताबिक, एम्स में मौजूदा समय में 14 विभागों की बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) चल रही है। इनमें नाक, कान व गला रोग, मानसिक रोग, दंत रोग, बाल रोग, सीना रोग, सर्जरी, चर्म रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास, नेत्र रोग, रेडियोथेरेपी (कैंसर रोग), मेडिसिन, फेमिली मेडिसिन वह हड्डी रोग विभाग शामिल हैं। एनेस्थीसिया, फिजियोलॉजी, बॉयोकेमेस्ट्री, पैथालॉजी, फार्माकोलॉजी, फोरेंसिंक, माइक्रोबायोलॉजी के कोर्स की स्वीकृति मांगी गई है। इनकी स्वीकृति मिलते ही सीटें तय की जाएंगी।
बता दें कि मौजूदा समय में एम्स में एमबीबीएस की 150 सीटें निर्धारित की गई हैं। इन सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। देश के कई राज्यों के छात्र काउंसिलिंग भी करा चुके हैं।
मीडिया प्रभारी डॉ. शशांक शेखर ने बताया कि कोर्स का प्रस्ताव एनएमसी को भेजा गया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद एम्स में पीजी की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी।