गोरखपुर जिले में सक्रिय पशु तस्करों, वाहन चोरों और टप्पेबाजी पर कार्रवाई में नाकाम एसओजी और स्वॉट को एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने भंग कर दिया। टीम में शामिल इंस्पेक्टर सहित सभी पुलिसकर्मियों को लाइन में आमद कराने का आदेश एसएसपी ने दिया। कार्रवाई को कुशीनगर में स्वॉट प्रभारी के पशु तस्कर के हमले में घायल होने की घटना से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अब नए सिरे से फिर से टीम गठित की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने एसओजी (स्पेशल आपरेशन ग्रुप) व स्वाट (स्पेशल विपंस एंड टैक्टिस) के कामकाज की समीक्षा मंगलवार को की। इसमें सामने आया कि शहर में पशु तस्कर व टप्पेबाज बेखौफ होकर घूमने के साथ ही वारदात कर रहे हैं। 20 से अधिक वीडियो सामने आने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई।
इसके अलावा शनिवार की शाम को कुशीनगर जिले के कसया में गैंगस्टर में वांक्षित 25 हजार के इनामी पशु तस्कर को पकड़ने गए स्वाट प्रभारी निरीक्षक प्रदीप शर्मा के घायल होने के मामले में भी टीम की ओर से लापरवाही बरतने का आरोप है। समीक्षा के बाद मंगलवार रात में ही एसएसपी ने एसओजी की दोनों टीमों को भंग कर सभी को लाइन में आमद कराने का आदेश जारी कर दिया। एसओजी व स्वाट टीम में इंस्पेक्टर समेत 17 पुलिसकर्मी तैनात थे।
2014 में मुखबिरी के संदेह में हुई थी कार्रवाई
जिले की एसओजी टीम पर मई 2014 में शातिर बदमाश चंदन सिंह की मुखबिरी करने का आरोप लगा था। बदमाश को पकड़ने गई टीम दिल्ली से खाली हाथ लौट आई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन एसएसपी आकाश कुलहरी ने क्राइम ब्रांच की एसओजी टीम को भंग कर एक नई टीम का गठन किया। आठ साल बाद फिर इस तरह की कार्रवाई हुई है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि एसओजी और स्वॉट टीम को भंग कर सभी को लाइन में आमद कराने का आदेश दिया गया है। समीक्षा कर फिर नए सिरे से टीम गठित की जाएगी।