भारत और नेपाल के बीच सोमवार को राजदूत स्तर की वार्ता शुरू हुई। नेपाल में भारत के राजदूत विजय मोहन क्वात्रा एवं नेपाल के विदेश सचिव शंकर दास बैरागी के बीच वार्ता हुई। इसे लेकर मधेशी नेताओं ने कहा कि समस्या का समाधान होना चाहिए। बयानों को लेकर दोनों देशों में जो तल्खी दिखी, उसका परिणाम ठीक नहीं होता। वार्ता के माध्यम से आपसी विवाद को सुलझाना ठीक है। भारत नेपाल के सामाजिक, धार्मिक तानेबाने को मजबूत बनाने के लिए यह बैठक कारगर साबित होगी।
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी रूपनदेही जिले के जिलाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच बैठक हो यह सही है। लेकिन इस समय की यह बैठक कूटनीतिक है। भारत से यह बैठक प्रचंड को डराने की सुनियोजित कोशिश है। इस समय भारत से यह बैठक सरकार बचाने की कूटनीतिक चाल है।
पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता गुलजारी यादव ने बताया कि आम तौर पर भारत और नेपाल के रिश्ते सामान्य रहते हैं। लेकिन बीते कुछ महीनों से इस रिश्ते में थोड़ा बदलाव देखने को मिला है। नक्शा विवाद के बाद आज पहली कूटनीतिक बैठक हो रही है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह बैठक अहम हो जाती है और संभावना है कि इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर हो पाएंगे। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच दोस्ती और गहरी होगी। मौजूदा सरकार चीन के बहकावे पर ऐसे कदम उठा रही है जिनसे भारत नाराज है।