साइबर सेल की टीम ने पिछले एक वर्ष में 10400 सिम कार्ड, 612 मोबाइल आईएमईआई और 59 म्यूल बैंक खातों को ब्लॉक किया गया है, जिनका उपयोग ठगी में किया जा रहा था। वर्ष 2026 में अब तक आठ मामले दर्ज कर 28 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2025 में साइबर पुलिस की कार्रवाई में 10 करोड़, 73 लाख रुपये की धनराशि को होल्ड और रिफंड कराया गया।
वर्क फ्रॉम होम करें और 25 हजार रुपये रोज कमाएं..., निवेश का सुनहरा मौका...सोशल मीडिया पर इस तरह के लुभावने विज्ञापनों को देखकर यदि आप भी फायदा कमाने की सोच रहे हैं तो जरा ठहरें। इन दिनों सोशल मीडिया पर जॉब अलर्ट, निवेश के फायदे और न जाने कितनी फर्जी सूचनाएं साइबर अपराधी फैला रहे हैं।
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एक क्लिक पर हमारे सपने उड़ान भरने लगते हैं, जहां हम साइबर ठगों के जाल में फंसे और अगला क्लिक किया तो हमें मिलता है डिजिटल धोखा। साइबर सेल की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 5182 साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज किए गए, जिनमें करोड़ों रुपये की ठगी सामने आई।
साइबर ठगों ने 27 करोड़ 49 लाख रुपये के वारे-न्यारे किए हैं। एक जनवरी 2026 से 30 अप्रैल तक की अवधि में 2767 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। तीन करोड़ 62 लाख रुपये साइबर जालसाजों ने ऐंठे।
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Cyber Security
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इन उदाहरणों को जानें और खुद अलर्ट रहें
रेलवे में नौकरी दिलाने का दिया झांसा
लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र में एक पूर्व रेलवे कर्मचारी ने खुद को रेलवे अधिकारी बताकर रजत जायसवाल समेत कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर ली। आरोपी ने फर्जी नंबर का इस्तेमाल किया, जबकि उसका असली व्हाट्सएप नंबर अलग था। इसी से उसका भंडाफोड़ हुआ। जांच एसपी सिटी निमिष पाटिल कर रहे हैं और पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी है।
ट्रेडिंग के नाम पर 39 लाख की ठगी
गोरखनाथ क्षेत्र निवासी आनंद श्रीवास्तव को व्हाट्सएप पर ट्रेडिंग में 500 से 1400 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 39 लाख रुपये की ठगी की गई। फर्जी एप डाउनलोड कराकर रकम निवेश करवाई गई और बाद में अतिरिक्त 13 लाख रुपये की मांग पर शक हुआ।
Cyber Crime Alert
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व्हाट्सएप पर भेजा शादी का कार्ड, कर ली ठगी
शहर में पूर्व में तैनात रहे एक दरोगा के मोबाइल नंबर से उनके परिचितों को शादी का डिजिटल निमंत्रण भेजा गया। उन्होंने भेजी गई फाइल खोल दी। फाइल खोलते ही साइबर जालसाजों ने फोन पर नियंत्रण हासिल कर लिया। यह एक एपीके फाइल थी।
इसका रखें ध्यान सावधानी: एपीके फाइल को खोलने से बचें। यह सावधानी बरतें: रेलवे में किसी भी प्रकार की निजी भर्ती नहीं होती। सभी भर्तियां आरआरबी/आरआरसी के माध्यम से ही की जाती हैं। सावधानी: कोई भी एप किसी के कहने पर डाउनलोड न कर लें।
एआई से बढ़ रहे साइबर हमले
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सख्ती: एक साल में 10 हजार से अधिक सिम कार्ड ब्लॉक
साइबर सेल की टीम ने पिछले एक वर्ष में 10400 सिम कार्ड, 612 मोबाइल आईएमईआई और 59 म्यूल बैंक खातों को ब्लॉक किया गया है, जिनका उपयोग ठगी में किया जा रहा था। वर्ष 2026 में अब तक आठ मामले दर्ज कर 28 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2025 में साइबर पुलिस की कार्रवाई में 10 करोड़, 73 लाख रुपये की धनराशि को होल्ड और रिफंड कराया गया। इसके अलावा 9 करोड़, 37 लाख रुपये की अन्य वित्तीय रिकवरी भी दर्ज की गई।
1682 खातों का किया गया सत्यापन
जिले में म्यूल खाता सत्यापन अभियान के तहत 1682 खातों की जांच की गई है। एटीएम विड्राल हॉटस्पॉट अभियान में 496 लेनदेन, चेक विड्राल हॉटस्पॉट में 145 मामलों और सस्पेक्ट लोकेशन हॉटस्पॉट में 136 स्थानों का सत्यापन किया गया है। 2963 मोबाइल नंबरों को ब्लॉक किया गया है।
साइबर ठगों के जाल से बच सकते हैं आप, बस विशेषज्ञ की सलाह रखें ध्यान
साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया के विज्ञापनों पर तत्काल भरोसा न करें। उन्हें अपने बैंक, आधार, पैन कार्ड की जानकारी न दें। यदि किसी अनजान नंबर से कॉल आती है और वह आपको किसी बैंक खाता, मनी लाॅन्ड्रिंग या किसी अन्य अपराध में फंसा होने का दावा करता है तो घबराएं नहीं।
अनजान नंबर से कॉल को पहले तत्काल कॉल कट कर दें। अपने आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी कभी भी फोन, ई-मेल या संदेश के माध्यम से न दें। बैंक या सरकारी एजेंसी कभी फोन पर इन चीजों की मांग नहीं करतीं। यदि कोई दावा करता है कि आपके खिलाफ कोई वारंट जारी किया गया है या आपको किसी अपराध में फंसा लिया गया है तो तुरंत स्थानीय पुलिस या संबंधित विभाग से सत्यापन करें।
आपको लगता है कि धोखाधड़ी के शिकार हो चुके हैं तो तुरंत साइबर थाने में रिपोर्ट करें और अपने बैंक से संपर्क करें। अगर किसी ने खाते में रुपये ट्रांसफर किए हैं तो तत्काल बैंक को सूचित करें। फिशिंग स्कैम में साइबर अपराधी आपको आकर्षक ऑफर या धमकी भरे संदेश भेजते हैं। ऐसे संदेशों पर क्लिक न करें और संदिग्ध लिंक से दूर रहें।