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गोरखपुर पुलिस हैरान: ... तो गोरखपुर में फिर सक्रिय हो गया बिच्छू और महाकाल ग्रुप, व्हाट्सएप से जुड़े हैं गैंग

Sat, 01 Apr 2023 11:43 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

24 मई 2020 को खोराबार के रामनगर कड़जहां गांव के चचेरे भाई दिवाकर निषाद और कृष्णा की झंगहा के गौरीघाट बांध के किनारे गोली मारकर हत्या की गई थी। बदमाशों ने दावत के बहाने बुलावा कर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में 12 आरोपियों को जेल भेजा था, जिसके बाद महाकाल ग्रुप और बिच्छू ग्रुप का नाम सामने आया था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में बेलीपार थाने के हिस्ट्रीशीटर व पूर्व प्रधान शशि मौली शुक्ला को गोली मारने की घटना में 20 साल के अर्पित का नाम सामने आने के बाद एक बार फिर बिच्छू ग्रुप सुर्खियों में आ गया। जांच में सामने आया है कि अर्पित बिच्छू ग्रुप से जुड़ा है और उसके खिलाफ गंभीर रूप से मारपीट करने के तीन मुकदमे भी दर्ज हैं।

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पुलिस के पास भी यह मामला पहुंचा था, लेकिन हलका दरोगा और सिपाही ने दबा दिया और फिर अर्पित बाहर आराम से घूमता रहा। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि अर्पित इस घटना में शामिल है या नहीं, लेकिन इतना तो पुलिस भी मान रही है कि नौसिखिया ने ही वारदात को अंजाम दिया है। अगर पेशेवर शूटर गोली मारता तो इतनी गोली नहीं चलती और जान बचना संभव नहीं होता।

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जानकारी के मुताबिक, 24 मई 2020 को खोराबार के रामनगर कड़जहां गांव के चचेरे भाई दिवाकर निषाद और कृष्णा की झंगहा के गौरीघाट बांध के किनारे गोली मारकर हत्या की गई थी। बदमाशों ने दावत के बहाने बुलावा कर वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस ने इस मामले में 12 आरोपियों को जेल भेजा था, जिसके बाद महाकाल ग्रुप और बिच्छू ग्रुप का नाम सामने आया था। तब पुलिस ने दोनों ग्रुप पर सख्ती शुरू की थी और तीन लोगों के नाम पते नोट कर कार्रवाई की तैयारी भी की गई थी। बाद में पुलिस ने निगरानी बंद कर दी और एक बार फिर ग्रुप के सदस्य सक्रिय होकर अपराध करने लगे हैं। जिले का बिच्छू गैंग एक बार फिर सक्रिय हो गया है।
 

एक साल पहले गोला में सामने आया था उत्पात का वीडियो

इस गैंग के कारनामों का वीडियो एक साल पहले गोला के झरकटा गांव में सामने आया था। बिच्छू गैंग का जो वीडियो सामने आया था, उसमें बड़ी संख्या में गैंग में शामिल युवक हाथ में लाठी डंडा लेकर गांव में तांडव मचाते देखे गए थे। लेकिन, पुलिस ने तब भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया था।

व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े हैं गैंग के सदस्य
ग्रामीणों के मुताबिक बिच्छू गैंग के सदस्य व्हाट्सएप ग्रुप से आपस में जुड़े हैं। वह ग्रुप के किसी सदस्य द्वारा किसी घटना की जानकारी दिए जाने व सहयोग मांगें जाने पर आधे घंटे के भीतर जुट जाते हैं। गैंग के लोगों की पहचान सिर पर लाल पगड़ी होती है और वे काफी अधिक संख्या में आकर किसी को पीटकर फरार हो जाते हैं।

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पहले भी कई घटनाओं में आ चुका है गैंग का नाम
ऐसा नहीं है कि छेड़खानी की घटना में पहली बार बिच्छू गैंग का नाम आया है। बल्कि बीते दो साल में कई मामलों में गैंग का नाम सामने आया लेकिन अभी तक पुलिस की ओर से इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि पुलिस को पूरी तरह गैंग व उसकी सक्रियता की जानकारी है।
 
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गोरखपुर जिले के बेलघाट का एक शख्स मध्य प्रदेश के उज्जैन से असलहे मंगाकर बेचने के आरोप में पकड़ा गया था। तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया था, तब भी कई ग्रुप के नाम सामने आए थे, जिसमें बिच्छू ग्रुप भी था। पुलिस का कहना है कि व्हाट्सएप पर 10 ग्रुप संचालित किए जा रहे हैं। देवा, महाकाल, गैंगस्टर, एके-47, गुंडों की टोली, एम के लिए काम जैसे नामों से ग्रुप बनाए गए हैं।

कई बार सामने आई हैं बिच्छू गिरोह की आपराधिक घटनाएं
  • मई 2021 में मिश्रौली गांव के भाजपा नेता के घर पर चढ़कर कुछ लोगों ने ईंट-पत्थर आदि चलाया था। इस मामले में भी सोशल मीडिया पर भाजपा नेता ने बिच्छू गैंग के घटना में शामिल होने की बात कही थी।
  • मार्च 2021 में शिवपुर गांव में कुछ युवकों ने एक युवक को बुरी तरह पीट दिया। इस मामले में भी बिच्छू गैंग की बात सामने आई थी। इससे पहले मेहड़ा गांव में भी हुई मारपीट में बिच्छू गैंग का नाम सामने आया था।
  • पंचायत चुनाव के दौरान भर्रोह गांव में कुछ युवकों ने घेरकर लाठी-डंडों से चार-पांच युवकों का सिर फोड़ दिया था। इस मामले में भी बिच्छू गैंग का नाम सामने आया था।

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