गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 मई निर्धारित है। शुरुआती रूझानों में विधि की पढ़ाई को लेकर सबसे अधिक क्रेज दिख रहा है। यही नहीं, एलएलबी से ज्यादा बीए एलएलबी ट्रेंड में दिख रहा है।
डीडीयू में हर बार की तरह सर्वाधिक 961 आवेदन बीए ऑनर्स के लिए आए हैं। इसके बाद बीएससी ऑनर्स (बायोलॉजी) के लिए 710 आवेदन आए हैं। विधि में पिछले वर्ष तक तीन वर्षीय एलएलबी (स्नातक उत्तीर्ण होना जरूरी) और बीए एलएलबी (12वीं उत्तीर्ण) के लिए लगभग एक समान आवेदन आते थे। इस बार बीए एलएलबी के लिए शुरुआती चरण में ही 709 आवेदन आ चुके हैं। एलएलबी के लिए 560 आवेदन आए हैं।
दरअसल, अब स्नातक ऑनर्स चार वर्ष का पाठ्यक्रम हो गया है। उसके बाद तीन साल का एलएलबी कोर्स है। यानी स्नातक के बाद एलएलबी करने पर कुल सात वर्ष का समय लग जाएगा। बीए एलएलबी पांच वर्ष का कोर्स है। यानी इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने के बाद बीए एलएलबी में प्रवेश लेने पर समय तो बचेगा ही, अध्ययन का पर्याप्त समय भी मिलेगा।
अब तक आए 7209 अभ्यर्थियों ने किया आवेदन
प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष सिन्हा ने बताया कि शुक्रवार की शाम पांच बजे तक कुल 9355 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 7209 अभ्यर्थियों ने आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। आवेदकों में 4189 महिला व 3020 पुरुष हैं।
तेजी से बढ़ रही आवेदन करने वालों की संख्या
25 अप्रैल को प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी। शुरुआती 10 दिनों में करीब 2100 आवेदन आए थे। उसके बाद छह से 15 मई के बीच करीब 5100 आवेदन आए हैं। अब आवेदन के लिए अंतिम चरण शुरू हो गया है। इसके अलावा सभी बोर्ड के परिणाम भी जारी हो गए हैं। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि इसमें और वृद्धि होगी।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि छात्रहित में परंपरागत के साथ ही कई नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। विश्वविद्यालय में करीब 12 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश लिया जाना है। उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करेंगे।