टमाटर के व्यापारी नौशाद ने बताया कि जुलाई व अगस्त में कर्नाटक और महाराष्ट्र में इस वर्ष बारिश ज्यादा हुई है। जिसके चलते उस समय मंडी में सिर्फ एक से दो ट्रक ही टमाटर की आवक थी। एक ट्रक में करीब 20 टन टमाटर आता था। ये मांग की तुलना में करीब 10 गुना कम था। लेकिन, अब वहां मौसम अच्छा होने के चलते टमाटर की पैदावार बढ़ गई है।
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ऐसे में आवक भी इस समय 10 से 12 ट्रक है। यही वजह है कि टमाटर की पूछ नहीं है। वहीं, थोक व्यापारी संजय सोनकर के मुताबिक रोजाना मंडी में 200 से 300 टन टमाटर की आवक है। मांग के अनुपात में टमाटर की आवक बढ़ने से दाम में गिरावट आई है।मंडी में कई व्यापारी के यहां टमाटर इतना ज्यादा आ गया है कि सड़ने के चलते फेंकना पड़ जा रहा है।
पिछले दो- तीन दिनों से नासिक में भी बारिश हुई है। इससे प्याज भीग गई है और आवक कम हो गई है। जिसका असर प्याज की कीमतों पर भी पड़ा है। नासिक और मध्य प्रदेश से प्याज की आवक कम होने से महेवा थोक मंडी में प्याज की कीमत बृहस्पतिवार को दो रुपये किलो बढ़ गया। प्याज मंडी में 31 रुपये किलो बिका। वहीं फुटकर बाजार में प्याज की कीमत स्थिर है। लेकिन, खुदरा बाजार में भी कीमतें बढ़ सकती हैं। अभी प्याज 35 से 40 रुपये किलो के बीच बिक रहा है।