- वर्क आर्डर जारी, एक अगस्त से काम शुरू होकर 30 अक्तूबर 2025 तक काम पूरा करने का है लक्ष्य
- 760 मीटर लंबी सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ और पर्याप्त हरियाली की होगी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) रेल विहार रोड को करीब 12.83 करोड़ रुपये से स्मार्ट रोड बनाएगा। चरगांवा चौराहे से करीमनगर चौराहे को जोड़ने वाली 760 मीटर लंबे फोरलेन के दोनों तरफ हरियाली के बीच फुटपाथ का निर्माण किया जाएगा। इस सड़क के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया के बाद वर्क आर्डर भी जारी कर दिया गया है। एक अगस्त से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, जिसे अगले साल 30 अक्तूबर तक पूरा कर लेना है।
प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने के साथ जलभराव से बचने को बेहतर ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण किया जाएगा। चौराहे और सड़क की डिजाइन में सुधार कर टर्निंग कम की जाएगी। सड़क के दोनों तरफ समान चौड़ाई के स्मार्ट फुटपाथ बनाकर पैदल यात्रियों को सुरक्षा दी जाएगी। बैठने के लिए स्ट्रीट फर्नीचर लगाए जाएंगे। सड़क पर टेबल-टाॅप क्राॅसिंग, कर्ब रैंप, बोलार्ड की सुविधा मिलेगी।
सड़कों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए स्मार्ट डस्टबिन एवं पेलिकन सिग्नल लगेंगे। दो पहिया, चारपहिया और ऑटो, ई-रिक्शा के लिए पार्किंग-वे बना कर स्मार्ट पार्किंग की सुविधा मिलेगी। प्लेटफाॅर्म और शेड की सुविधा से युक्त वेंडिंग जोन भी बनेगा, ताकि स्ट्रीट वेंडर को भी रोजगार मिले। इस सड़क पर रिटेल फ्रंट, वाणिज्यिक परिसर, स्कूल आदि के पास ड्रॉप ऑफ जोन बनाया जाएगा, ताकि हादसों से बचा जा सके। सड़क से बिजली के तार हटाकर भूमिगत केबल डालने के साथ बड़े ट्रांसफार्मर की जगह छोटे स्मार्ट कंपैक्ट ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। बिजली के साथ केबल टीवी, फोन, इंटरनेट के तमाम तारों को अंडरग्राउंड डक्ट के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाएंगे। सड़क से जुड़ी सभी फैसिलिटीज भूमिगत होगी। सड़क के सभी नाले-नालियां ढके जाएंगे। सड़क के किनारे और खाली स्थान पर ग्रीन बेल्ट होगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर महानगर को स्मार्ट एवं सेफ सिटी बनाने की परिकल्पना के आधार पर रेल विहार रोड को स्मार्ट बनाया जा रहा है। यहां नागरिकों को सड़क से जुड़ी सभी बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। इस सड़क के निर्माण का वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है। एक अगस्त से काम शुरू होगा, 30 अक्तूबर 2025 तक काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए
सड़क निर्माण से बदलेगी रेल विहार के आसपास की सूरत
जीडीए ने 20 साल पहले विकसित किया था रेल विहार कॉलोनी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज रोड पर चरगांवा ब्लाॅक के सामने से रेल विहार रोड पर आगे बढ़ने पर टू लेन सड़क जगह- जगह जर्जर हो चुकी है। कई जगह तो डिवाइडर का अस्तित्व भी खत्म हो गया है। 200 मीटर आगे डीहबाबा का मंदिर है, जहां पाकड़ का विशालकाय वृक्ष है। यहां पर मोहल्लेवासी पूजा पाठ करते हैं।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1990-91 में रेल विहार कॉलोनी को बसाया था। चरगांवा से लेकर करीमनगर तक इस सड़क के दोनों तरफ आवास है। कॉलोनी के बीच से निकल रही यह सड़क 80 फीट चौड़ी है। वर्तमान में इस रोड की हालत खस्ता होने के साथ डिवाइडर जगह-जगह टूट गए हैं। इस सड़क के किनारे के दुकानदार रामभेजू कहते हैं कि फोरलेन होने से आवागमन बढ़ने के साथ इस इलाके की सूरत बदल जाएगी। डीहबाबा मंदिर के पुजारी खदेरू ने बताया कि मंदिर लगभग 200 साल पुरानी है, जब यहां खेती होती थी तो गांव के बाहर उनके पूर्वजों ने मंदिर बनवाया था।
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सड़क चौड़ीकरण से व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ जाएंगी। आसपास रहने वाले लोगों को मार्निंग वॉक के लिए दूर नहीं जाना होगा।
अशोक कुमार, रेल विहार
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फोरलेन निर्माण से रेल विहार के साथ चरगांवा, राप्तीनगर समेत आसपास के मोहल्लों के लोगों के आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही इस क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी।
श्रवण, रेल विहार