ट्रेनों में किफायती सफर अब सपना हो जाएगा। 44 ट्रेनों में स्लीपर कोच कम होंगे। रेलवे ने स्लीपर व जनरल कोच की संख्या कम करके एसी कोच बढ़ाना शुरू कर दिया है। हालांकि, रेलवे प्रशासन का तर्क है कि इससे ट्रेनों का संचलन आसान होगा। लेकिन, सच तो यह है कि स्लीपर कोच कम होने से यात्रियों के जेब पर दोगुना भार बढ़ेगा।
लंबी दूरी की ट्रेनों में स्लीपर कोच कम करने से सामान्य वर्ग के यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। ट्रेन में स्लीपर के दो ही कोच लगेंगे, जबकि अभी पांच से छह कोच लग रहे हैं। कोच कम करने की शुरूआत हो चुकी है। रेलवे बोर्ड के निर्देश के मुताबिक अब 22 कोच की रेक में सात की जगह दो ही स्लीपर कोच लगाए जा रहे हैं। एसी थ्री में चार कोच ज्यादा लगा रहे हैं। इसका मतलब है कि प्रत्येक ट्रेन में कम से कम 300 से 400 यात्रियों को स्लीपर व जनरल की जगह एसी कोच में जाना होगा।