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Gorakhpur News: गोरखपुर में पहले भी कातिल बन चुकी हैं पत्नियां, नाजायज और पारिवारिक संबंध में बनती हैं कातिल

Mon, 27 Feb 2023 12:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

वर्तमान में गोरखपुर जेल में 20 महिला बंदी प्रेम के चक्कर में पति को मौत के घाट उतारने के आरोप में बंद हैं। इनमें रुंधा पत्नी विजय सिंह, अर्चना पत्नी डॉ. ओम प्रकाश, सुषमा सिंह पत्नी विवेक सिंह, शायरा खातून पत्नी मोहम्मद हनीफ, मनीता पत्नी राजदेव, पुष्पाजंलि पत्नी विनोद, नीलम उपाध्याय पत्नी ओंकार, आशा पत्नी विनोद आदि हैं।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में नाजायज संबंध और पारिवारिक वजहों में महिलाओं द्वारा अपनों (पति) को मौत की नींद सुलाने की कई घटनाएं की जा चुकी हैं। वर्तमान में जेल में 20 महिलाएं ऐसी हैं जो प्रेम संबंध में कातिल बनकर बंद हैं। शाहपुर की अर्चना यादव की कहानी हो या फिर कैंट क्षेत्र की सुषमा की।

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इन्हें कभी कोई नहीं भूल सकता। एक बार फिर सहजनवां में रिश्तों का कत्ल सामने आया है। यहां पर सौतेली बेटी पर गलत नजर रखने की वजह से महिला ने पति और दो सौतेले बेटों की हत्या कर दी।

जानकारी के मुताबिक, जब भी हत्या में पत्नी को पुलिस पकड़कर जेल पहुंचाई, उन्हें कोई पछतावा नहीं रहा। घटना कोई भी हो सभी में पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कातिल पत्नी जेल को बाहर से बेहतर जिंदगी बताती हैं।
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वर्तमान में गोरखपुर जेल में 20 महिला बंदी प्रेम के चक्कर में पति को मौत के घाट उतारने के आरोप में बंद हैं। इनमें रुंधा पत्नी विजय सिंह, अर्चना पत्नी डॉ. ओम प्रकाश, सुषमा सिंह पत्नी विवेक सिंह, शायरा खातून पत्नी मोहम्मद हनीफ, मनीता पत्नी राजदेव, पुष्पाजंलि पत्नी विनोद, नीलम उपाध्याय पत्नी ओंकार, आशा पत्नी विनोद आदि हैं।

 

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यह वारदातें भी आ चुकी हैं सामने

  • 27 नवंबर 2020 : गोरखनाथ निवासी क्लीनिक कर्मचारी ओंकार उपाध्याय की हत्या भी उसकी पत्नी नीलम ने कराई थी। क्योंकि उसे अपने फूफा से ही इश्क हो गया था।
  • 27 नवंबर 2017 : चिलुआताल निवासी मोहम्मद हनीफ की हत्या पत्नी शायरा खातून ने प्रेमी रज्जा के साथ मिलकर की थी।

केस एक
  • 5 जनवरी 2016: शाहपुर इलाके के अशोक नगर में अर्चना यादव ने प्रेमी फिरोजाबाद निवासी शिक्षक अजय यादव के साथ मिलकर पति नेत्र चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश यादव की हथौड़े से मारकर हत्या कर दी थी। इस दौरान उसका पांच साल का बेटा नितिन उठ गया और रोते हुए मां की गोद में आ गया था। प्रेमी को बच्चे पर दया आ गई वह अर्चना को बोला कि इसे रहने दो। लेकिन, अर्चना ने खुद ही उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी।

केस दो
  • 22 अप्रैल 2017: कैंट इलाके के कूड़ाघाट विशुनपुरवा निवासी सुषमा सिंह ने प्रेमी डब्लू सिंह के साथ मिलकर पति 35 वर्षीय विवेक प्रताप सिंह की हत्या कर दी थी। सुषमा सिंह का अपने मायके के कामेश्वर सिंह उर्फ डब्लू सिंह से शादी से पहले करीब 12 साल तक प्रेम संबंध रहा। परिजनों की गैर मौजूदगी में डब्लू सुषमा के घर भी आता था। इसकी जानकारी विवेक को भी हो गई थी और उसने पत्नी पर कड़ा पहरा लगा दिया था।

केस तीन
  • 4 मार्च 2018: सिद्धार्थनगर जिले के गुजरवलिया गांव की रहने वाली महिला रुंधा ने प्रेमी के साथ रहने के लिए पति विजय सिंह और देवर दिनेश की हत्या करा दी थी। वारदात के बाद पहचान छुपाने के लिए प्रेमी और उसके साथियों ने दोनों का शव पेट्रोल से जलाकर सहजनवां क्षेत्र में हाईवे किनारे फेंक दिया था। सहजनवां पुलिस ने शव की शिनाख्त कर घटना में शामिल रूंधा, उसके प्रेमी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया था।

केस चार
  • 3 अप्रैल 2018: चिलुआताल के जंगल नकहा नंबर दो कोइलहिया निवासी हार्डवेयर व्यापारी विनोद की हत्या उसकी पत्नी आशा ने प्रेमी अनूप मोदनवाल के साथ मिलकर कर दी थी। शादी के बाद विनोद ने पत्नी आशा को पढ़ाया, उसे सरकारी शिक्षक बनवाया। आशा का पिपराइच के आलू व्यापारी अनूप मोदनवाल से स्कूल आते-जाते प्रेम हो गया था। प्रेमी ने उसके आने जाने के लिए ऑटो बुक करा दिया। आशा ने प्रेमी और ऑटो चालक की मदद से हत्या की थी।

 
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