उत्तर प्रदेश के वन प्रभाग फरेंदा (महाराजगंज) के भारीवैसी गांव के जटायु संरक्षण केंद्र में छह जोड़े वयस्क गिद्ध रखे जाएंगे। इनकी उड़ान पर निगरानी बनाए रखने के लिए इनके पैरों में सेटेलाइट चिप लगाए जाएंगे। बता दें कि जटायु संरक्षण केंद्र का शिलान्यास बुधवार को सीएम योगी ने किया था।
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि वयस्क गिद्धों को केंद्र में लाकर रखा जाएगा। इससे प्रजनन दर में बढ़ोत्तरी होगी। सभी गिद्धों के पैरों में सेटेलाइट की टैगिंग की जाएगी। इससे उनकी निगरानी की जा सकेगी। कहां तक उड़कर जाने की उनकी क्षमता है इसका आंकलन भी किया जा सकेगा।
डीएफओ ने बताया कि दरअसल गांवों में लोग गाय भैंस से अधिक दूध निकालने के लिए उन्हें दवाएं खिला देते हैं। इन्हीं में से अगर किसी जानवर की मौत होती जाती है तो उसके अंदर दवा का रसायन वैसे ही बना रहता है। गिद्ध अपने भोजन के लिए इनका आहार करते हैं तो उनके लिए रसायन जहर का काम करता है ऐसे में उनकी मौत भी हो सकती है। इससे गिद्धों की संख्या कम होने लगी है।
उन्होंने बताया कि गिद्धों को केंद्र में लाए जाने के पहले और बाद में ग्रामीणों से इस दवा के प्रयोग पर मनाही की जाएगी। 15 साल में 40 जोड़े गिद्ध तैयार कराए जाने का लक्ष्य है।