डीएम के निर्देश पर सोमवार को स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण जिला स्तरीय 21 अधिकारियों ने किया। इस दौरान दौरान छह डाॅक्टर और 33 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर सभी का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही सहजनवां सीएचसी के डॉ. शांतुन मल्ल की बर्खास्तगी के लिए पत्राचार की बात कही गई है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश डीएम ने दिए हैं।
एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता सोमवार को सीएचसी सहजनवां पहुंचे तो पता चला कि तैनात डाॅ. शांतनु मल्ल नवंबर से ही अनुपस्थित चल रहे हैं। अधीक्षक डाॅ. व्यास कुशवाहा ने बताया कि इसकी सूचना सीएमओ को दी गई है। डाॅक्टर की बर्खास्तगी के लिए पत्राचार किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाली का एसडीएम सुरेश राय ने निरीक्षण किया, जहां प्राथमिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता सरोज, इंद्रा पांडेय तथा एडिशनल लैब असिस्टेंट अखिलेश अनुपस्थित मिले। सीएचसी ठर्रापार में साफ-सफाई व्यवस्था खराब मिली। नगर मजिस्ट्रेट राजीव कुमार वर्मा ने भटहट सीएचसी का निरीक्षण किया।
व्यवस्था जानने के लिए खुद के दांत की समस्या का बताकर इलाज कराया, जहां से वह संतुष्ट दिखे। एसडीएम बांसगांव पवन कुमार ने सीएचसी बासंगांव का निरीक्षण किया, लैब टेक्नीशियन पंकज कुमार अनुपस्थित मिले। इस बीच उन्होंने खंडहर हो चुके कर्मचारी आवास को ध्वस्त कराने का निर्देश दिया। इसी क्रम में एसडीएम सदर प्रशांत वर्मा ने सीएचसी पिपराइच, एसडीएम कैंपियरगंज पंकज दीक्षित ने सीएचसी कैंपियरगंज, एसडीएम चौरीचौरा शिवम सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ब्रह्मपुर व सरदार नगर का निरीक्षण किया, जहां पर डॉक्टर अनुपस्थित मिले।
जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश ने कहा कि इस तरह के निरीक्षण निरंतर जारी रहेंगे। निरीक्षण में जो भी स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए हैं, उनका एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। दोबारा अनुपस्थित मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।