गोरखपुर जिले के चौरीचौरा इलाके से लापता हुई सगी बहनों के मामले में नया मोड़ आया है। पता चला है कि घरवालों की प्रताड़ना से आजिज आकर दोनों बहनों ने घर छोड़ दिया था। एक बहन गोरखनाथ इलाके के नर्सिंग होम और दूसरी बहन झंगहा के एक घर में काम कर रही थी। रविवार को पुलिस ने दोनों को खोज निकाला, जिसके बाद थाने आकर बहनों ने आपबीती बताई है। पुलिस अब बयान के आधार पर मामले में कार्रवाई कर रही है। इसी मामले में शनिवार को कार्रवाई ना करने पर थानेदार रहे इकरार अहमद को निलंबित भी कर दिया गया था।
जानकारी के मुताबिक, कुछ दिनों पहले चौरीचौरा से दो नाबालिग बहनें रहस्यमय हालात में लापता हो गईं थीं। पहले तो घरवालों ने उनकी तलाश की लेकिन जब कहीं कोई पता नहीं चला तो फिर परिजन थाने पहुंचे थे। थाने में फरियाद करने के बाद भी पुलिस ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसी बीच शनिवार को थाना समाधान दिवस में एसएसपी के सामने पेश हुए परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई।
मामला एसएसपी के संज्ञान में आने के बाद थानेदार इकरार अहमद को निलंबित कर केस दर्ज कर जांच का आदेश दिया गया। हरकत में आई पुलिस ने बहनों को रविवार को बरामद कर लिया। दोनों से पूछताछ के बाद नया मोड़ सामने आ गया। खबर है कि उनका अपहरण नहीं किया गया था बल्कि दोनों घरवालों की प्रताड़ना से आजिज होकर घर छोड़कर चली गईं थीं।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि बहनों को पुलिस ने खोज निकाला है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं लड़कियों के पिता ने बताया कि पट्टीदारों ने दोनों लड़कियों की शादी कराने के लिए उन्हें बहला-फुसलाकर घर से भगा दिया था। पट्टीदारों के दबाव में ही लड़कियां ऐसा बयान दे रहीं हैं।