गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन की राह में अंडरपास बाधा बने हुए हैं। इसके चलते फोरलेन के निर्माण की रफ्तार थम गई है। आलम यह है कि कौड़ीराम से हाटा बाजार तक निर्माणाधीन चार अंडरपास में से एक भी पूरा नहीं हो पाया है। वहीं आमी नदी क्षेत्र में पुल का काम भी अधूरा है। एनएचएआई के जिम्मेदार पहले फोरलेन का काम हर हाल में दिसम्बर तक पूरा हो जाने का दावा कर रहे थे, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट का काम मार्च तक पूरा होने की बात कह रहे हैं।
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर्यटन एवं व्यावसायिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह मार्ग बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी और गुरु गोरखनाथ की तपो भूमि को जोड़ता है। इसके अलावा इस मार्ग से होकर हर रोज भारी संख्या में विदेशी सैलानी नेपाल जाते हैं। इस मार्ग का शिलान्यास एक भव्य समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2016 में किया था।
इसका काम 2018 में ही पूरा होना था, पर यह आज तक अधूरा है। बांसगांव के सांसद से लेकर मुख्यमंत्री की शिकायत के बाद इसकी मानीटरिंग पीएमओ से होने लगी। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद काम की रफ्तार बढ़ी। दबाव बढ़ा तो एनएचएआई के अधिकारी दिसम्बर तक काम पूरा करने का दावा करने लगे, पर काम अब भी अधूरा है।
उनका कहना है कि मई में बरसात शुरू होकर अक्तूबर तक होती रही। इस नाते चाह कर भी विभाग काम नहीं करा पाया। कौड़ीराम से लेकर हाटाबाजार तक चार अंडर पास भलुआन, गगहा, मझगांवा, कहला, हाटाबाजार में बनना है। अभी कहला तथा हाटाबाजार में अंडरपास पर एक तरफ से पिचिंग का काम हुआ है। मझगांवा व भलुआन में मिट्टी का काम कराकर गिट्टी डाल कर एक तरफ से पिचिंग कराया जाएगा।
वहीं गगहा में अभी मिट्टी का काम ही पूरा नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ आमी नदी के क्षेत्र में बगहाबीर बाबा के स्थान पर एक नया पुल बन गया है। उस पर से वाहन आने-जाने लगे हैं। एक और पुल बना है पर उसका अप्रोच नहीं होने के कारण उससे लोग नहीं जा पा रहे हैं। काम तो तेजी से चल रहा है, पर उसे पूरा होने में समय लगेगा। कब पूरा होगा यह तो समय बताएगा। विभाग की तरफ से जितने दावे किए गए, वह पूरे नहीं हो पाए। इस नाते विभाग के दावों पर लोगों को भरोसा नहीं है।
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। गोरखपुर से गाजीपुर तक जितना प्रोजेक्ट गोरखपुर डिविजन के पास है, वह मार्च तक पूरा हो जाएगा। केवल बड़हलगंज में सरयू नदी का पुल जून तक पूरा होगा। मई से लेकर अक्तूबर तक इस साल भारी बारिश की वजह से काम समय से पूरा नहीं हो पाया। अब काम की रफ्तार बढ़ा दी गई है। हर हाल में मार्च तक काम को करा लिया जाएगा।
-सीएम द्विवेदी, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई