बिजली निगम ने फोन से शटडाउन लेने पर रोक लगा दी है। इस संबंध में मुख्य अभियंता ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगर बिजली घर के रजिस्टर में दर्ज किए बिना शटडाउन लेने की सूचना मिली तो कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं, तकनीकी उपकरणों के प्रयोग किए बिना भी यदि कोई कार्य किया गया तो भी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, नौ जून को लाइन ठीक करते समय करंट से राजधानी उपकेंद्र के संविदा लाइनमैन मुराली की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पता चला कि रोक के बावजूद फोन से ही शटडाउन लिया जा रहा है। रोजाना तकरीबन हर उपकेंद्र में फोन पर शटडाउन लिया जा रहा है। फोन पर शटडाउन लेने के कारण उपकेंद्र के रजिस्टर में कोई सूचना दर्ज नहीं की जाती है। सूचना न होने के कारण कई बार लाइन जोड़ दी जाती है। इससे आए दिन हादसे होते हैं।
मुख्य अभियंता एके सिंह ने बताया कि फोन पर किसी भी सूरत में शटडाउन नहीं दिया जाएगा। अगर फोन पर शटडाउन लिया गया तो सभी संबंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सूरत में मानवीय जीवन को संकट में नहीं डाला जा सकता है।
बता दें कि जब किसी बिजली घर की फीडर प्रणाली को किसी खराबी के कारण या रखरखाव के लिए अस्थायी रूप से बंद किया जाता है, तो उसे बिजली निगम की शैली में शटडाउन कहते हैं।