मतृक शिवराज, भतीजी अन्नू और बेटी अदिति( फाइल फोटो)
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जैसे ही लौटे, उनके सामने ही बेटा और दो नातिन पर हाईटेंशन तार गिरा और वे जलने लगे। शोर मचाते हुए बहुत प्रयास किया, लेकिन आंख के सामने ही उनके बच्चे जलकर राख हो गए। यह कहते-कहते उनकी आंखें डबडबा गईं।
एम्स क्षेत्र के विशुनपुर गांव में सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद सुबह शिवराज निषाद, अदिति (03) और अन्नू (09) का शव घर पहुंचा। इस दौरान गांव में भीड़ एकत्रित हो गई। बुजुर्ग हीरा निषाद ने माड़ापार फरेन नाले के पास बेटे का दाह संस्कार किया। दोनों नातिन को कांपते हाथों से दफनाया। इस दौरान चौरीचौरा विधायक ई. श्रवण निषाद, एसडीएम चौरीचौरा प्रशांत वर्मा, सीओ कैंट योगेंद्र सिंह मौजूद रहे।
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मृतक शिवराज( फाइल फोटो) शव रखकर परिजन रोते-बिलखते हुए
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घटनास्थल वाली जगह पर विभाग ने लगवाए खंभे
जिस जगह पर रविवार शाम को तार टूटने से घटना हुई थी, वहां विद्युत विभाग ने अधिकारियों के निर्देश पर सोमवार को खंभे लगवाए। जो तार ढीले थे, उसे टाइट किया जा रहा है।
सोनबरसा बाजार में सहमे व्यापारी
घटना के प्रत्यक्षदर्शी व्यापारी सहम गए हैं। उनमें इस कदर दहशत है कि वे खंभों से दूर होकर आ-जा रहे हैं। ऊपर लगे हाईटेंशन तार पर भी ध्यान दे रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि ऐसी घटना पहली बार देखी है।
बिजली विभाग की लापरवाही से यह हादसा हुआ है। अगर समय से तारों पर ध्यान दिया गया होता तो यह हादसा नहीं हुआ होता। अब तो बिजली का नाम सुनकर ही डर लग रहा है: प्रियांशु सिंह, व्यापारी
कई बार बिजली विभाग के लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों से शिकायत की गई। समय से शिकायत सुनकर जिम्मेदार ध्यान दिए होते तो यहां इतनी बड़ी घटना कभी नहीं होती: परमेश्वर कश्यप, व्यापारी
अब तो बिजली के पोल के पास भी जाने से डर लग रहा है। जहां घटना हुई, वहीं बगल में दुकान है। सामने ही बाइक पर तार गिरा और आग लगी। जब तक बाहर आया, वे जल गए थे: सत्यम गुप्ता, व्यापारी