बाइक और स्कूटी पर तीन या चार सवारी चलेंगे तब, आपके अभिभावकों को 25 हजार रुपये का हर्जाना भरना पड़ेगा। साथ ही अभिभावक पर भी कार्रवाई हो सकती है। बालिग होकर ही बाइक चलाएं, तब तक साइकिल से स्कूल आएं। बाइक चलाने और पीछे बैठने वालों को भी हेलमेट लगाना अनिवार्य है।
आप सुरक्षित रहेंगे तभी, अभिभावक के सपनों को साकार कर पाएंगे। इसलिए यातायात नियमों का पालन करें और अन्य लोगों को भी जागरूक करें। यह जानकारी, एसपी यातायात संजय कुमार ने छात्र-छात्राओं को दी। वह सोमवार को तारामंडल स्थित सर माउंट इंटरनेशनल स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि मुखातिब थे। इस दौरान उनके साथ स्कूल प्रधानाचार्य धरमवीर यादव और प्रभाकर शुक्ला मौजूद रहे।
एसपी यातायात ने बताया कि जो बच्चे ऑटो से स्कूल जाते हैं, वे कुछ बातों पर जरूर ध्यान दें। शहर के हर ऑटो पर एक गोला बनाकर तीन अंकों के नंबर लिखे गए हैं। जब भी बच्चे ऑटो में बैठें तो उन नंबरों को जरूर याद रखें। ऑटो में कुछ छूटने या फिर चालक के गलत व्यवहार की शिकायत करते समय तीन अंकों का नंबर बताने पर खोजने में आसानी होगी।
एसपी ने छात्र-छात्राओं को बताया कि शहर में आपात स्थिति में यातायात पुलिस की तरफ से ग्रीन कॉरिडोर की भी व्यवस्था रहती है। जब भी घर में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाए, उसे हॉस्पिटल ले जाते समय आईटीएमएस के नंबर पर कॉल कर ग्रीन कॉरिडोर की सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
इसी तरह विशेषज्ञ के रूप में मौजूद मनोज राय ने भी छात्र छात्राओं को यातायात नियमों के बारे में बताया कि हर चौराहे पर इमरजेंसी बॉक्स लगाए गए हैं। कभी भी बस या ऑटो में कोई सामान छूट जाए या कोई अन्य परेशानी हो, इमरजेंसी बॉक्स पर बटन दबाकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके तत्काल बाद संबंधित ऑटो की तलाश पुलिस शुरू कर देती है।
साइबर अपराध को लेकर किया जागरूक
एसपी यातायात ने साइबर अपराध के बारे में बताया कि हर कोई इंस्टाग्राम, फेसबुक चला तो रहा है, लेकिन उसके बारे में कम ही लोगों को जानकारी है। इसलिए अपनी गोपनीय चीजें भी सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर शेयर कर रहे हैं। इससे बड़ी परेशानियां सामने आ रही हैं।
उन्होंने छात्राओं को बताया कि सोशल मीडिया पर अंजान से दोस्ती कतई न करें। साथ ही फोटो वाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कभी शेयर न करें। कभी कोई ब्लैकमेल करे तो उसकी शिकायत करें। डरकर बातें मानने पर दलदल में फंसती जाएंगी। इसलिए बिना डरे, पास के पुलिस स्टेशन या फिर हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।