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Shani Jayanti 2020: शनिदेव जयंती और वट सावित्री व्रत आज, फल प्राप्त करने के लिए ऐसे करें पूजा-पाठ

Fri, 22 May 2020 08:43 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • व्रत रख करेंगी पति के दीर्घायु होने की कामना
  • श्रद्धालु शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए करेंगे पूजा-पाठ
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शनिदेव जयंती एवं वट सावित्री व्रत का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। श्रद्धालु विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए प्रयास करेंगे तो वहीं महिलाएं पति के दीर्घायु के लिए बरगद के वृक्ष की पूजा करेंगी।

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पंडित मनीष मोहन ने बताया कि शनि जयंती हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ मास की अमावस्या को मनाई जाती है। इस दिन शनिदेव की पूजा की जाती है। विशेषकर शनि की साढ़ेसाती, शनि की ढैय्या आदि शनि दोष से पीड़ित जातकों के लिये इस दिन का महत्व है।

मान्यताओं के अनुसार शनि को क्रूर एवं पाप ग्रहों में गिना जाता है। उसे अशुभ फल देने वाला माना जाता है लेकिन असल में ऐसा है नहीं। क्योंकि शनि न्याय करने वाले देवता हैं और कर्म के अनुसार फल देने वाले कर्मफल प्रदाता हैं। इसलिए वे बुरे कर्म की बुरी सजा देते हैं और अच्छे कर्म करने वालों को अच्छे परिणाम देते हैं।
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पंडित अवधेश मिश्र ने बताया कि हिंदू महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। मान्यतानुसार व्रत को रखने से पति पर आए संकट टल जाते हैं और वे दीर्घायु होते हैं। यही नहीं अगर दांपत्य जीवन में कोई परेशानी चल रही हो तो वह भी इस व्रत के प्रताप से दूर हो जाते हैं।
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सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए इस दिन वट यानी कि बरगद के पेड़ के नीचे पूजा-अर्चना करती हैं।

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