दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अलग-अलग मामलों में बुधवार को कोर्ट ने अभियुक्तों को सात साल की सजा सुनाई है। अर्थदंड भी कोर्ट की ओर से लाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, नाबालिग को बहला फुसलाकर कर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के जुर्म में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट रोहित सिंह ने पिपराइच थाना क्षेत्र के ग्राम बनरही निवासी अभियुक्त दीनदयाल गुप्ता को सात साल के कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को छह माह का कारावास अलग से भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान राम एवं विशेष लोक अभियोजक अरविंद श्रीवास्तव का कहना था कि वादी की नाबालिग बहन को अभियुक्त दीनदयाल बहला फुसलाकर कर लेकर फरार हो गया और दुष्कर्म किया।
एक अन्य मामले में दुष्कर्म के जुर्म में अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट कमालुद्दीन ने गोला थाना क्षेत्र के ग्राम बेवरी निवासी अभियुक्त उमेश कुमार सोनकर को सात साल के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर एक माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद पांडेय एवं सिद्धार्थ सिंह का कहना था कि 25 अप्रैल 2011 की सुबह चार बजे वादी की बहन घर के पूरब अरहर के खेत में शौच के लिए गई थी। उसी समय अभियुक्त उमेश उसे वहीं पकड़ लिया और दुष्कर्म कर फरार हो गया था।