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खुशखबर: एक हेक्टेयर का तालाब बनाने पर मिलेगा सात लाख, इस खास योजना के तहत किसान उठा सकते हैं लाभ

Sat, 24 Jul 2021 04:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जिले के किसान उठा सकते हैं लाभ 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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किसानों की आय बढ़ाने तथा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत की गई है। इसके लिए सरकार की तरफ से उन्हें कई सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। निजी जमीन पर किसान यदि तालाब बनाते हैं तो एक हेक्टेयर के लिए सात लाख रुपये दिए जाएंगे। यदि तालाब महिला या अनुसूचित जाति से संबंधित व्यक्ति बनवाता है तो उसे 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। अन्य के लिए अनुदान 40 प्रतिशत रहेगा।
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पट्टे के तालब पर केसीसी से मिलेगा लोन
मत्स्य पालन के लिए यदि किसी व्यक्ति ने पट्टे पर तालाब लिया है तो एक हेक्टेयर के तालाब पर दो लाख का लोन मिलेगा। बैंक से चार प्रतिशत ब्याज दर से लोन  मिलेगा। इसके लिए पट्टाधारक को एक प्रार्थना पत्र जिला मत्स्यपालन अधिकारी के कार्यालय में देना होगा। उसके साथ पट्टे वाली रसीद की फोटो कापी, आधार कार्ड की छाया प्रति संलग्न करना होगा। मत्स्य पालन अधिकारी उसे संबंधित बैंक को अग्रसारित करेंगे। फिर पट्टा धारक को बैंक से लोन मिल जाएगा।

तालाब में डालने के लिए मछली के बच्चे उपलब्ध
निजी या पट्टे के तालाबों में मछली के बच्चे डालने के लिए हैचरी उपलब्ध है। गोरखपुर जनपद में छपिया में सरकारी हैचरी है, जहां मछली के बच्चों का उत्पादन किया जाता है। यहां पर छोटे बच्चे 110 रुपये हजार मिल रहे हैं, जबकि बड़े बच्चे 1.40 रुपये में एक बच्चा मिल रहा है।
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1150 तालाबों में होता है मत्स्य पालन
जिले के 1150 तालाबों में मत्स्य पालन होता है। इसका कुल क्षेत्रफल 950 हेक्टेयर है। इन तालाबों में स्थानीय हैचरी से बच्चे लाकर मत्स्यपालक डालते हैं। अधिकतर लोग कोलकाता से बच्चा मंगाते हैं।
 
मत्स्यपालन अधिकारी एके शुक्ला ने बताया कि सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू की गई है। इस योजना में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार आम लोगों को 40 प्रतिशत अनुदान दे रही है। जबकि, अनुसूचित जाति और महिला के लिए 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए प्रति हेक्टेयर सात लाख की धनराशि निर्धारित है।
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