रुपये पाने के बाद उसने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ग्रुप बिलासपुर सेंटर छत्तीसगढ़ में कांस्टेबल पद का फर्जी परीक्षा कराकर फर्जी प्रमाणपत्र 24 अक्तूबर 2016 को दिया। दूसरे दिन फर्जी बुलावा पत्र भी आया। फिर बिलासपुर में स्वास्थ्य परीक्षण भी हुआ। चचेरा भाई फर्जी प्रमाणपत्र जमा करने गया तो एक मार्च 2017 को पुरुषोत्तम ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। जयनारायण जब प्रमाण पत्र लेकर उप महानिरीक्षक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, बिलासपुर पहुंचे तो वहां के अफसर ने से फर्जी बताया।
इसके बाद फर्जीवाड़ा की जानकारी होने पर पुरुषोत्तम से रुपये की मांग शुरू की तो वह आजकल करने लगा। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की धारा में पुरुषोत्तम व उसके भाई के खिलाफ केस दर्ज भाई युगुल किशोर मिश्रा को हिरासत में ले लिया है। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।